ताज़ा ख़बर: अयोध्या में राम राज्य का अनुभव, सीएम योगी ने वैश्विक अशांति के बीच भारत की शांति पर दिया जोर

ताज़ा ख़बर: अयोध्या में राम राज्य का अनुभव, सीएम योगी ने वैश्विक अशांति के बीच भारत की शांति पर दिया जोर
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में आयोजित एक विशेष समारोह में कहा कि जब विश्वभर में युद्ध, ...

अयोध्या में सीएम योगी का बड़ा बयान: जब दुनिया युद्ध में, भारत में शांतिपूर्ण राम राज्य

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में आयोजित एक विशेष समारोह में कहा कि जब विश्वभर में युद्ध, भय और अस्थिरता का माहौल है, तब भारत में, विशेषकर अयोध्या में, लोग राम राज्य का अनुभव कर रहे हैं। यह महत्वपूर्ण टिप्पणी तब आई जब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की उपस्थिति में श्री राम जन्मभूमि मंदिर में 150 किलो सोने से निर्मित श्री राम यंत्र की विधिवत स्थापना की गई।

वैश्विक चुनौतियों के बीच भारत की अनोखी स्थिति

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर वैश्विक स्थिति और भारत की स्थिति के बीच गहरा अंतर स्पष्ट किया। उन्होंने बताया कि:

  • आज दुनिया के अनेक हिस्सों में युद्ध की विभीषिका, अव्यवस्था, आर्थिक संकट और आतंक का वातावरण व्याप्त है।
  • इसके विपरीत, भारत में, खासकर अयोध्या धाम में, हजारों की संख्या में श्रद्धालु बिना किसी डर के अपनी आस्था और श्रद्धा प्रकट करने के लिए एकत्रित हो रहे हैं।
  • उन्होंने जोर देकर कहा कि श्री राम यंत्र की स्थापना के इस पवित्र कार्यक्रम में शामिल होकर लोग सच्चे राम राज्य की अनुभूति कर रहे हैं, जहाँ शांति और सद्भाव सर्वोपरि है।

भारत की एकता और सनातन मूल्यों का सम्मान

अपने संबोधन में सीएम योगी ने संतों और किसानों के योगदान को भी नमन किया। उन्होंने कहा कि भारत की एकता और श्रेष्ठता को बनाए रखने में अटूट आस्था की सदैव महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने भारतीय नववर्ष के आगमन पर देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए यह भी बताया कि अब लोग नए वर्ष पर अपने परिवार के साथ ऐसे स्थानों पर जाना पसंद करते हैं, जो हमारी सनातन संस्कृति और मूल्यों के अनुरूप हैं।

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में राम मंदिर का ऐतिहासिक सफर

योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में राम मंदिर से जुड़े कई ऐतिहासिक कार्य सफलतापूर्वक पूरे हुए हैं। इनमें निम्नलिखित प्रमुख घटनाएँ शामिल हैं:

  1. श्री राम जन्मभूमि का भूमि पूजन
  2. रामलला की भव्य प्राण प्रतिष्ठा
  3. राम दरबार की स्थापना
  4. और अब, श्री राम यंत्र की पवित्र स्थापना

उन्होंने इस बात पर बल दिया कि ये सभी आयोजन भारत की गहरी और अटूट आस्था को दर्शाते हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि अतीत में आस्था को अक्सर अंधविश्वास कहकर खारिज कर दिया जाता था, जबकि राजनीतिक गतिविधियों पर ऐसे सवाल नहीं उठाए जाते थे। उन्होंने याद दिलाया कि राम मंदिर आंदोलन से जुड़ी सदियों पुरानी आस्था ने एक लंबा और कठिन संघर्ष देखा और अंततः विजय प्राप्त की।

श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या: आस्था का प्रतीक

सीएम योगी ने बताया कि हाल के वर्षों में उत्तर प्रदेश के धार्मिक स्थलों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने दर्शन किए हैं। उन्होंने उल्लेख किया कि अयोध्या, काशी, प्रयागराज और मथुरा-वृंदावन जैसे प्रमुख तीर्थ स्थलों पर आने वाले भक्तों की संख्या कई देशों की कुल आबादी से भी अधिक रही है, जो भारत में धार्मिक पर्यटन की बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाता है।

संतों, शिल्पकारों और शहीदों को श्रद्धांजलि

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने मंदिर निर्माण से जुड़े सभी संतों, कुशल शिल्पकारों और मेहनती श्रमिकों के प्रति अपना आभार व्यक्त किया। उन्होंने उन सभी महान आत्माओं को भी श्रद्धांजलि अर्पित की, जिन्होंने राम मंदिर आंदोलन में अपने प्राणों की आहुति दी, जिनमें अशोक सिंघल जैसे प्रमुख नेता भी शामिल थे।

इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम का संचालन श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने किया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और जानी-मानी आध्यात्मिक गुरु माता अमृतानंदमयी भी उपस्थित रहीं, जिन्होंने इस ऐतिहासिक पल की गरिमा को बढ़ाया।