विजयदशमी 2024: दशमी तिथि पर क्या करें, क्या न करें? जानें लेटेस्ट नियम और महत्व

विजयदशमी 2024: दशमी तिथि पर क्या करें, क्या न करें? जानें लेटेस्ट नियम और महत्व
आज की ताज़ा ख़बर: हिंदू धर्म में दशमी तिथि का विशेष महत्व है, खासकर जब यह विजयादशमी के रूप में मनाई जाती है। यह दिन बु...

आज की ताज़ा ख़बर: हिंदू धर्म में दशमी तिथि का विशेष महत्व है, खासकर जब यह विजयादशमी के रूप में मनाई जाती है। यह दिन बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। इस शुभ अवसर पर कई परंपराएं और अनुष्ठान किए जाते हैं, वहीं कुछ बातों का ध्यान रखना भी आवश्यक होता है। आइए जानते हैं दशमी तिथि पर हमें क्या करना चाहिए और किन कार्यों से बचना चाहिए।

दशमी तिथि पर क्या करें (शुभ कार्य)

दशमी तिथि, विशेषकर विजयादशमी के दिन, कुछ खास कार्य करने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

  • रावण दहन देखें या करें: विजयादशमी का मुख्य आकर्षण रावण, मेघनाद और कुंभकरण के पुतलों का दहन होता है। यह बुराई के अंत और सत्य की जीत का प्रतीक है। इसे देखना या इसमें शामिल होना शुभ माना जाता है।
  • शस्त्र पूजा करें: इस दिन औजारों, वाहनों और शस्त्रों की पूजा करने की परंपरा है। यह कार्य, व्यवसाय में सफलता और सुरक्षा का प्रतीक माना जाता है।
  • देवी दुर्गा और भगवान राम की पूजा: दशमी तिथि पर मां दुर्गा की विदाई होती है और भगवान राम की विजय का उत्सव मनाया जाता है। उनकी पूजा-अर्चना करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
  • नीलकंठ पक्षी के दर्शन: मान्यता है कि दशमी के दिन नीलकंठ पक्षी के दर्शन करना अत्यंत शुभ होता है। यह सौभाग्य और धन में वृद्धि का सूचक माना जाता है।
  • अपाजिता पूजा: विजयादशमी पर अपाजिता देवी की पूजा करने से हर कार्य में विजय प्राप्त होती है। यह पूजा दोपहर के समय की जाती है।
  • शुभ कार्यों की शुरुआत: यह दिन किसी भी नए कार्य, यात्रा या उद्यम की शुरुआत के लिए बहुत शुभ माना जाता है।
  • बड़े-बुजुर्गों का आशीर्वाद लें: इस दिन अपने से बड़ों का आशीर्वाद लेना अत्यंत फलदायी होता है।

दशमी तिथि पर क्या न करें (वर्जित कार्य)

कुछ ऐसे कार्य भी हैं जिनसे दशमी तिथि पर बचना चाहिए ताकि किसी भी प्रकार की नकारात्मकता से बचा जा सके और पर्व की पवित्रता बनी रहे।

  1. नकारात्मक विचारों से बचें: इस दिन मन में किसी के प्रति द्वेष, ईर्ष्या या नकारात्मक विचार न लाएं। शांति और सद्भाव बनाए रखें।
  2. झगड़े-विवाद से दूर रहें: घर-परिवार में या बाहर किसी से भी झगड़ा या वाद-विवाद करने से बचें। यह दिन खुशियां बांटने का है।
  3. मांस-मदिरा का सेवन न करें: हिंदू धर्म में ऐसे पवित्र त्योहारों पर मांसाहारी भोजन और शराब का सेवन वर्जित माना जाता है।
  4. पेड़-पौधे न काटें: दशमी तिथि पर पेड़-पौधे काटना अशुभ माना जाता है। प्रकृति का सम्मान करें।
  5. किसी का अनादर न करें: किसी भी व्यक्ति, विशेषकर महिलाओं और बच्चों का अनादर करने से बचें।

दशमी तिथि का महत्व: लेटेस्ट अपडेट

दशमी तिथि, जिसे विजयादशमी या दशहरा के नाम से भी जाना जाता है, हिंदू पंचांग के अनुसार अश्विन मास के शुक्ल पक्ष की दशमी को आती है। यह नवरात्रि के नौ दिनों के बाद मनाई जाती है और इसका मुख्य संदेश है 'असत्य पर सत्य की विजय'। भगवान राम ने इसी दिन रावण का वध किया था, और देवी दुर्गा ने महिषासुर का संहार किया था। यह त्योहार हमें सिखाता है कि अंततः अच्छाई की ही जीत होती है।

इस दशमी तिथि पर इन बातों का ध्यान रखकर आप त्योहार का पूर्ण लाभ उठा सकते हैं और अपने जीवन में सकारात्मकता ला सकते हैं।