यूपी विधानसभा बजट सत्र 2024: आर्थिक सर्वेक्षण पेश, योगी सरकार का विकास रिपोर्ट कार्ड और विपक्ष का तेवर

यूपी विधानसभा बजट सत्र 2024: आर्थिक सर्वेक्षण पेश, योगी सरकार का विकास रिपोर्ट कार्ड और विपक्ष का तेवर
उत्तर प्रदेश विधानमंडल का बहुप्रतीक्षित बजट सत्र आज, 9 फरवरी से लखनऊ में स्थित विधानसभा भवन में शुरू हो गया है। इस स...
यूपी विधानसभा बजट सत्र 2024: आर्थिक सर्वेक्षण पेश, योगी सरकार का विकास रिपोर्ट कार्ड और विपक्ष का तेवर

उत्तर प्रदेश विधानसभा बजट सत्र 2024: प्रमुख अपडेट

उत्तर प्रदेश विधानमंडल का बहुप्रतीक्षित बजट सत्र आज, 9 फरवरी से लखनऊ में स्थित विधानसभा भवन में शुरू हो गया है। इस सत्र का आगाज राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के दोनों सदनों के संयुक्त संबोधन के साथ हुआ, जिसमें उन्होंने राज्य सरकार की उपलब्धियों और भविष्य की दिशा पर प्रकाश डाला। सत्र की शुरुआत राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम से हुई, जिसके तुरंत बाद राज्य सरकार ने इतिहास में पहली बार अपना आर्थिक सर्वेक्षण सदन के पटल पर रखा। सरकार की योजना 11 फरवरी को वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राज्य का बजट प्रस्तुत करने की है। यह पूरा सत्र 20 फरवरी तक चलेगा, जिसमें विपक्षी दल बेरोजगारी और महिला सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सरकार को कड़ी चुनौती देने के लिए तैयार हैं।

आर्थिक सर्वेक्षण और सरकार का पक्ष: यूपी बना 'ब्रेक थ्रू स्टेट'

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अनुसार, उत्तर प्रदेश अब एक 'पिछड़े हुए राज्य' की छवि से बाहर निकलकर 'प्रगतिशील राज्य' बन गया है। आज पेश किए गए आर्थिक सर्वेक्षण में राज्य की प्रति व्यक्ति आय, रोजगार सृजन के आंकड़े और वित्तीय प्रबंधन की स्थिति का विस्तृत विवरण शामिल है। सरकार का दृढ़ दावा है कि पिछले पांच वर्षों से उत्तर प्रदेश लगातार 'राजस्व अधिशेष वाला राज्य' बना हुआ है, जो इसकी मजबूत आर्थिक स्थिति को दर्शाता है। सत्ता पक्ष ने यह स्पष्ट किया है कि वे हर मुद्दे पर खुली बहस के लिए तैयार हैं और विपक्ष को सदन की कार्यवाही में बाधा डालने के बजाय जनहित के मुद्दों पर सार्थक संवाद का मार्ग चुनना चाहिए।

विपक्ष का तेवर और सुरक्षा के कड़े इंतजाम

सत्र शुरू होने से पहले ही समाजवादी पार्टी के विधायकों ने विधानसभा परिसर में चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा के पास एक बड़े विरोध प्रदर्शन की तैयारी की है। विपक्ष ने बेरोजगारी, महिला सुरक्षा, कानून व्यवस्था, एसआईआर (SIR) मामले और कोडीन कफ सिरप की तस्करी जैसे गंभीर मुद्दों पर योगी सरकार को घेरने की योजना बनाई है। किसी भी अप्रिय घटना या हंगामे की आशंका को देखते हुए, विधानसभा परिसर में यूपी पुलिस के साथ-साथ आरआएफ (RRF) की अतिरिक्त टुकड़ियों को तैनात किया गया है। पूरे इलाके को बैरिकेड लगाकर एक छावनी में तब्दील कर दिया गया है। रविवार को हुई सर्वदलीय बैठक में सहयोग का आश्वासन मिलने के बावजूद, पहले दिन तीखी नोकझोंक और हंगामे की पूरी संभावना है।

आगामी कार्यक्रम और विधायी कार्य

सत्र के दौरान कई महत्वपूर्ण विधायी कार्यों को अंजाम दिया जाएगा।

  • 9 फरवरी: राज्यपाल के अभिभाषण के बाद विधायी कार्य निपटाए जाएंगे।
  • 10 फरवरी: सदन की कार्यवाही दिवंगत पूर्व और वर्तमान सदस्यों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद स्थगित कर दी जाएगी।
  • 11 फरवरी: इस सत्र का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा, यानी सामान्य बजट, सदन में प्रस्तुत किया जाएगा।

बजट पर विस्तृत चर्चा के बाद अनुदान मांगों को पारित किया जाएगा। सरकार का मानना है कि यह सत्र प्रदेश की आर्थिक उन्नति की यात्रा को जनता तक पहुंचाने का एक बड़ा मंच बनेगा और लोकतंत्र के आधार स्तंभ के रूप में संवाद का एक नया कीर्तिमान स्थापित करेगा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बयान

उत्तर प्रदेश विधान मंडल के बजट सत्र (वित्तीय वर्ष 2026-2027) के संबंध में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार सभी मुद्दों पर चर्चा करने और राज्य के हित में काम करने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि संवाद के माध्यम से ही समस्याओं का समाधान ढूंढा जा सकता है। मुख्यमंत्री ने इस बात पर भी विशेष बल दिया कि राज्यपाल के अभिभाषण के बाद आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया जाएगा, और यह पहली बार होगा जब कोई राज्य अपना स्वयं का आर्थिक सर्वेक्षण प्रस्तुत करेगा। उन्होंने दोहराया कि उत्तर प्रदेश को 'बीमारू' राज्य की श्रेणी से निकालकर एक 'ब्रेक थ्रू स्टेट' के रूप में स्थापित करने में सफलता मिली है।