संभल में सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा हटाने की बड़ी कार्रवाई: ग्रामीण स्वयं तोड़ रहे निर्माण
संभल, उत्तर प्रदेश: संभल जिले में प्रशासन के कड़े अल्टीमेटम के बाद, स्थानीय निवासियों ने सरकारी भूमि पर अवैध रूप से निर्मित ढांचों को स्वयं ही ध्वस्त करना शुरू कर दिया है। यह खबर एक महत्वपूर्ण अपडेट है जहां नागरिक खुद ही कानून का पालन करते हुए सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कर रहे हैं। मौके पर प्रशासन की टीम भी मौजूद रही और पूरी स्थिति का जायजा लिया।
क्या है पूरा मामला?
यह घटना असमोली थाना क्षेत्र के मुबारकपुर बंद गांव से जुड़ी है। यहां करीब साढ़े तीन बीघा सरकारी जमीन पर वर्षों से मस्जिद, मदरसा, कुछ मकान और पांच दुकानें अवैध रूप से बनाई गई थीं। हाल ही में, प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर भूमि की पैमाइश (माप) की, जिसमें यह स्पष्ट हो गया कि ये सभी निर्माण सरकारी भूमि पर गैरकानूनी तरीके से किए गए थे।
प्रशासन का अल्टीमेटम और ग्रामीणों की तत्परता
- 8 दिन का नोटिस: पैमाइश के बाद, प्रशासन ने सभी अवैध कब्जाधारियों को 8 दिन का समय देते हुए निर्माण हटाने का सख्त निर्देश दिया था।
- स्वैच्छिक कार्रवाई: समय सीमा समाप्त होने से पहले ही, मस्जिद और मदरसा समितियों से जुड़े लोगों के साथ-साथ अन्य ग्रामीणों ने भी अपनी पहल पर अवैध निर्माणों को हटाना शुरू कर दिया।
- शनिवार की तोड़फोड़: शनिवार को गांव में लोग खुद ही दीवारों को तोड़ते और ईंटें हटाते हुए देखे गए। यह दर्शाता है कि ग्रामीणों ने प्रशासन के निर्देशों को गंभीरता से लिया है।
मौके पर प्रशासनिक टीम और जेसीबी की मांग
इस दौरान, तहसीलदार धीरेंद्र कुमार सिंह और नायब तहसीलदार दीपक जुरैल सहित प्रशासनिक टीम भी मौके पर पहुंची। उन्होंने चल रहे कार्य की प्रगति का निरीक्षण किया और स्थिति का मूल्यांकन किया। कमेटी के सदस्यों ने प्रशासन को आश्वासन दिया कि वे जल्द से जल्द पूरा अवैध निर्माण हटा देंगे। साथ ही, उन्होंने काम को तेजी से पूरा करने के लिए जेसीबी मशीन उपलब्ध कराने की मांग भी की।
तहसीलदार का बयान और भविष्य की योजना
तहसीलदार धीरेंद्र कुमार सिंह ने बताया, "मुबारकपुर बंद गांव में सरकारी भूमि पर अवैध रूप से मस्जिद, मदरसे और कुछ मकान बने थे। ग्रामीणों ने अब खुद ही इन अवैध निर्माणों को तोड़ना शुरू कर दिया है। उनकी मांग पर जेसीबी मशीन भी जल्द ही उपलब्ध कराई जाएगी।"
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पूरे मामले पर कड़ी नजर रखी जा रही है और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सरकारी जमीन पूरी तरह से अतिक्रमण मुक्त हो। संभल का यह मामला एक मिसाल बनकर उभरा है, जहां प्रशासन की दृढ़ता और स्पष्ट निर्देशों के बाद, स्थानीय लोगों ने स्वयं ही अवैध कब्जों को हटाने की जिम्मेदारी उठाई है। यह कार्रवाई अन्य क्षेत्रों के लिए भी एक संदेश है जहां सरकारी भूमि पर अवैध अतिक्रमण है।