राजकोट में अब तक की सबसे बड़ी बुलडोजर कार्रवाई: 1450+ अवैध निर्माण ध्वस्त, बाढ़ राहत का बड़ा अपडेट

राजकोट में अब तक की सबसे बड़ी बुलडोजर कार्रवाई: 1450+ अवैध निर्माण ध्वस्त, बाढ़ राहत का बड़ा अपडेट
गुजरात के राजकोट शहर में अतिक्रमण हटाने का एक बड़ा अभियान शुरू हो गया है। राजकोट नगर निगम (RMC) ने जंगलेश्वर क्षेत्र म...

राजकोट में अतिक्रमण पर चला मेगा बुलडोजर: 1450 से ज़्यादा अवैध कब्ज़े हटाए गए

गुजरात के राजकोट शहर में अतिक्रमण हटाने का एक बड़ा अभियान शुरू हो गया है। राजकोट नगर निगम (RMC) ने जंगलेश्वर क्षेत्र में फैले अवैध कब्जों को खत्म करने के लिए इस इलाके को सात अलग-अलग ज़ोन में विभाजित किया है। ड्रोन की सहायता से पूरे अतिक्रमणग्रस्त क्षेत्र पर बारीकी से नज़र रखी जा रही है। राजकोट नगर पालिका का यह विशाल डिमोलिशन अभियान अब गति पकड़ चुका है।

राजकोट की सबसे बड़ी बुलडोजर कार्रवाई: विशाल जनबल और सुरक्षा के इंतज़ाम

यह कार्रवाई राजकोट के इतिहास में अतिक्रमण के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा अभियान मानी जा रही है। आजी नदी के किनारे वार्ड नंबर 16 और 17 में स्थित जंगलेश्वर क्षेत्र में 1450 से भी अधिक अवैध रूप से बने मकानों और दुकानों पर निगम का बुलडोजर गरज रहा है। इस विशाल अभियान में 700 से ज़्यादा नगर निगम कर्मचारी और 1500 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम सुनिश्चित करने के लिए राजकोट पुलिस के साथ-साथ मोरबी, सुरेंद्रनगर और जामनगर ज़िलों से भी पुलिस बल बुलाया गया है। इसके अतिरिक्त, PGVCL (पश्चिमी गुजरात विज कंपनी लिमिटेड) और अग्निशमन विभाग के कर्मचारी भी मौके पर मौजूद हैं।

दशकों पुराना अतिक्रमण और प्रशासन की चेतावनी

जंगलेश्वर क्षेत्र में आजी नदी के तट पर पिछले 40 से 50 वर्षों में कई लोगों ने अवैध निर्माण कर लिया था। प्रशासन ने इन कब्ज़ों को कई बार गैरकानूनी घोषित किया और लोगों को अतिक्रमण न करने की सलाह भी दी, लेकिन इसका कोई खास असर नहीं हुआ।

कार्रवाई से पहले की तैयारी: फुट पेट्रोलिंग और स्वैच्छिक तोड़फोड़

बुलडोजर चलने से पहले, रविवार रात को नगर निगम और पुलिस की टीमों ने जंगलेश्वर सहित विभिन्न इलाकों में फुट पेट्रोलिंग की। उन्होंने लोगों को अवैध कब्ज़े खाली करने के लिए प्रेरित किया। इस पहल के बाद, कुछ निवासियों ने स्वयं ही अपने अवैध निर्माणों को तोड़ना शुरू कर दिया था।

सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम: धारा 144 और ड्रोन निगरानी

कानूनी नोटिस की समय सीमा समाप्त होने के बाद, जंगलेश्वर इलाके में आज सुबह से बुलडोजर कार्रवाई शुरू हो गई है। जिन क्षेत्रों से अतिक्रमण हटाया जा रहा है, वहां पुलिस ने 26 फरवरी तक चार से अधिक व्यक्तियों के इकट्ठा होने पर प्रतिबंध लगा दिया है। इसके साथ ही, पूरे अतिक्रमणग्रस्त क्षेत्र की ड्रोन की मदद से लगातार निगरानी की जा रही है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।

बाढ़ से मिलेगी राहत: चौड़ी होगी आजी नदी, बनेगा नया रोड

राजकोट नगर निगम ने 18 फरवरी को यह घोषणा की थी कि जंगलेश्वर क्षेत्र में आजी नदी के किनारे से सभी अतिक्रमण हटाए जाएंगे। इस अभियान का एक प्रमुख उद्देश्य शहर को बाढ़ जैसी आपदाओं से बचाना है।

  • अवैध कब्ज़ों के कारण आजी नदी का बहाव बाधित हो रहा था, जिससे बारिश के मौसम में राजकोट में बाढ़ का खतरा बढ़ जाता था।
  • अतिक्रमण हटने के बाद, आजी नदी की चौड़ाई बढ़ जाएगी, जिससे पानी का प्रवाह सुचारु होगा और शहर को बाढ़ से बड़ी राहत मिलेगी।
  • इसके अतिरिक्त, नगर रचना योजना नंबर 6 के अंतर्गत इस क्षेत्र में 15 मीटर चौड़ी एक नई टीपी (टाउन प्लानिंग) सड़क का निर्माण भी किया जाएगा, जिससे शहरी विकास को गति मिलेगी।

यह मेगा डिमोलिशन ड्राइव न केवल अवैध कब्ज़ों को हटाएगा बल्कि राजकोट के निवासियों के लिए एक सुरक्षित और बेहतर भविष्य की नींव भी रखेगा।