राजस्थान में 1 लाख नई नौकरियों का ऐलान: युवाओं में उत्साह, पर लंबित भर्तियों पर उठे गंभीर सवाल - लेटेस्ट अपडेट
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने नव वर्ष के अवसर पर प्रदेश के युवाओं के लिए एक लाख सरकारी नौकरियों का विस्तृत कैलेंडर जारी किया है। इस महत्वपूर्ण कदम को राज्य में रोज़गार के अवसरों को बढ़ाने की दिशा में एक सकारात्मक पहल के रूप में देखा जा रहा है।
सरकार को मिली प्रशंसा, पर बेरोज़गारों में निराशा
इस बड़ी घोषणा के बाद जहां एक ओर राज्य सरकार को व्यापक प्रशंसा मिल रही है, वहीं दूसरी ओर राजधानी जयपुर सहित पूरे प्रदेश में लंबे अरसे से सरकारी नौकरी की आस लगाए बैठे हज़ारों बेरोज़गार युवाओं में गहरी निराशा और नाराज़गी भी देखने को मिल रही है। इन युवाओं का प्रमुख सवाल यह है कि नई भर्तियों की घोषणा से पहले, पिछली लंबित और अटकी हुई भर्तियों का क्या होगा?
मुख्यमंत्री से सीधा संवाद की मांग
विभिन्न मीडिया रिपोर्टों और युवा संगठनों द्वारा इस संदर्भ में यह प्रश्न लगातार उठाया जा रहा है कि यदि राज्य सरकार सचमुच युवाओं के भविष्य के प्रति इतनी गंभीर और संवेदनशील है, तो मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा स्वयं इन परेशान बेरोज़गारों से सीधे संवाद क्यों नहीं स्थापित करते? युवाओं का मानना है कि मुख्यमंत्री को उनकी वास्तविक समस्याओं को व्यक्तिगत रूप से सुनना चाहिए और लंबित मामलों पर त्वरित स्पष्टीकरण तथा समाधान प्रस्तुत करना चाहिए।
बेरोज़गारों की प्रमुख अपेक्षाएं
- पुरानी और लंबित भर्तियों को प्राथमिकता के आधार पर जल्द से जल्द पूरा किया जाए।
- भर्ती प्रक्रियाओं में पूरी पारदर्शिता और तेज़ी लाई जाए ताकि विलंब न हो।
- मुख्यमंत्री स्वयं बेरोज़गार प्रतिनिधियों से मिलकर उनकी चिंताओं को समझें और समाधान का आश्वासन दें।
यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार नई भर्तियों के साथ-साथ पुरानी लंबित मांगों को कैसे संबोधित करती है, ताकि प्रदेश के युवाओं का विश्वास बना रहे और उन्हें उचित रोज़गार के अवसर मिल सकें।