देश के कई हिस्सों में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आगामी 24 से 48 घंटों के लिए उत्तर भारत के कई राज्यों में भारी बारिश और बर्फबारी की चेतावनी जारी की है। यह मौसमी बदलाव खासकर पहाड़ी और मैदानी इलाकों को प्रभावित करेगा, जिससे तापमान में गिरावट और जनजीवन पर असर पड़ने की संभावना है। नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से यह स्थिति बनी है।
इन राज्यों में दिखेगा मौसम का गहरा असर
मौसम विभाग के नवीनतम पूर्वानुमान के अनुसार, निम्नलिखित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में विशेष रूप से मौसम का मिजाज बदलने वाला है, जिससे आम जनजीवन पर प्रभाव पड़ सकता है:
- जम्मू-कश्मीर और लद्दाख: इन क्षेत्रों में अगले दो दिनों तक मध्यम से भारी बर्फबारी होने की प्रबल संभावना है। निचले इलाकों में बारिश और ऊपरी इलाकों में ताजा बर्फबारी देखने को मिल सकती है, जिससे यातायात बाधित हो सकता है।
- हिमाचल प्रदेश: राज्य के ऊपरी हिस्सों जैसे लाहौल-स्पीति, किन्नौर और चंबा में अच्छी बर्फबारी की उम्मीद है, जबकि मध्य और निचले इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। पर्यटकों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
- उत्तराखंड: यहां भी पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश का अनुमान है। कुछ स्थानों पर ओले गिरने की भी आशंका जताई गई है, जिससे फसलों को नुकसान पहुंच सकता है।
- पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश: इन मैदानी राज्यों में पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। कुछ जगहों पर तेज हवाएं और बिजली गिरने की घटनाएं भी संभव हैं, जिससे किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
- दिल्ली-एनसीआर: राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में भी बादल छाए रहने और हल्की बारिश की संभावना है, जिससे ठंड बढ़ सकती है और सुबह के समय घना कोहरा भी देखा जा सकता है।
तापमान में गिरावट और संभावित शीत लहर
बारिश और बर्फबारी के चलते इन क्षेत्रों में तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की जा सकती है। पहाड़ी इलाकों में न्यूनतम तापमान शून्य से नीचे जा सकता है, जिससे कड़ाके की ठंड पड़ेगी। मैदानी इलाकों में भी दिन और रात के तापमान में कमी आएगी, जिससे शीत लहर जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है। लोगों को गर्म कपड़े पहनने और अलाव जलाने की सलाह दी गई है।
यात्रियों और स्थानीय निवासियों के लिए महत्वपूर्ण चेतावनी
मौसम विभाग ने यात्रियों और स्थानीय निवासियों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है ताकि वे सुरक्षित रह सकें और किसी भी अप्रिय घटना से बच सकें:
- पहाड़ी यात्रा टालें: बर्फबारी, भूस्खलन और सड़क बंद होने के खतरे को देखते हुए अनावश्यक पहाड़ी यात्रा से बचें। यदि यात्रा आवश्यक हो, तो पूरी तैयारी के साथ ही निकलें।
- सुरक्षित रहें: घरों में रहें और हीटिंग उपकरणों का सुरक्षित उपयोग करें। कार्बन मोनोऑक्साइड विषाक्तता से बचने के लिए उचित वेंटिलेशन सुनिश्चित करें।
- अद्यतन जानकारी लें: यात्रा करने से पहले मौसम और सड़क की स्थिति की नवीनतम जानकारी अवश्य प्राप्त करें। स्थानीय अधिकारियों द्वारा जारी एडवाइजरी पर ध्यान दें।
- आवश्यक वस्तुओं का स्टॉक: बिजली कटौती या सड़क बंद होने की स्थिति के लिए खाद्य सामग्री, पानी और दवाओं जैसी आवश्यक वस्तुओं का पर्याप्त स्टॉक रखें।
आगे का मौसम पूर्वानुमान
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि यह मौसमी गतिविधि अगले कुछ दिनों तक जारी रह सकती है, जिसके बाद धीरे-धीरे मौसम साफ होने की उम्मीद है। हालांकि, अगले कुछ दिनों तक ठंड का प्रकोप जारी रहेगा। सरकार और स्थानीय प्रशासन ने किसी भी आपात स्थिति से निपटने और राहत कार्यों के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। नागरिकों से अपील की गई है कि वे प्रशासन का सहयोग करें और सतर्क रहें।