नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट: वाणिज्यिक उड़ानें जल्द शुरू होंगी, मंत्री ने दिया लेटेस्ट अपडेट

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट: वाणिज्यिक उड़ानें जल्द शुरू होंगी, मंत्री ने दिया लेटेस्ट अपडेट
हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश के जेवर में स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन किया।...

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट: वाणिज्यिक उड़ानें जल्द शुरू होंगी, मंत्री ने दिया लेटेस्ट अपडेट

हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश के जेवर में स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन किया। अब, केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने इस हवाई अड्डे से वाणिज्यिक उड़ानों के शुरू होने की तिथि को लेकर एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है।

उन्होंने बताया कि एयरपोर्ट सुरक्षा कार्यक्रम (ASP) के तहत सुरक्षा संबंधी मंजूरी मिलते ही, इस हवाई अड्डे से व्यावसायिक उड़ानें शुरू हो जाएंगी। यह हवाई अड्डा उत्कृष्ट कनेक्टिविटी और अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगा। यहाँ एक विशाल कार्गो हब और विमानों के रखरखाव, मरम्मत और ओवरहॉल (MRO) की सुविधा भी विकसित की गई है, जिससे स्थानीय उद्योगों को अत्यधिक लाभ मिलेगा।

मंत्री नायडू के अनुसार, अगले 45 से 60 दिनों के भीतर सुरक्षा मंजूरी प्राप्त होने की उम्मीद है, जिसके बाद हवाई अड्डे से पूर्ण वाणिज्यिक संचालन प्रारंभ हो जाएगा। नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो (BCAS) द्वारा एयरपोर्ट सुरक्षा कार्यक्रम (ASP) जारी करना, उड़ानों के संचालन के लिए एक अनिवार्य कदम है। परियोजना के नोडल अधिकारी ने भी आगामी 45 दिनों में परिचालन शुरू करने की तैयारियों की पुष्टि की है। एयरपोर्ट एंट्री पास (AEP) प्राप्त करना भी एक आवश्यक प्रक्रिया है, जिसके पूरा होने पर ही सभी संबंधित पक्ष अपना कार्य शुरू कर पाएंगे। दशकों पुराना यह सपना अब साकार होने जा रहा है, जो पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विकास में मील का पत्थर साबित होगा।

शुरुआती उड़ानें: मेट्रो शहरों को प्राथमिकता

अधिकारियों ने जानकारी दी है कि हवाई अड्डे के प्रारंभिक चरण में, उड़ानों का संचालन मुख्य रूप से देश के बड़े महानगरों के लिए किया जाएगा। इसके उपरांत, टियर-2 और टियर-3 शहरों के लिए भी सेवाएँ शुरू की जाएंगी।

अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों के संचालन में कुछ समय लग सकता है, क्योंकि इसके लिए आव्रजन और सीमा शुल्क संबंधी गहन समीक्षा और विभिन्न मंजूरियों की आवश्यकता होती है। हालांकि, इंडिगो जैसी प्रमुख एयरलाइन कंपनियाँ, आवश्यक अनुमतियाँ मिलते ही अंतर्राष्ट्रीय मार्गों पर सेवाएँ शुरू करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

विशाल परियोजना: चरणबद्ध विकास

यह भव्य एयरपोर्ट लगभग 6200 हेक्टेयर भूमि पर पाँच चरणों में निर्मित किया जा रहा है। परियोजना के पहले चरण का निर्माण 11,200 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत पूरा किया गया है। शुरुआत में, एक रनवे से घरेलू और कार्गो उड़ानों का संचालन किया जाएगा, जबकि अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों का परिचालन बाद में शुरू होगा।

उत्कृष्ट कनेक्टिविटी का केंद्र

नोएडा एयरपोर्ट को सड़क, रेल और मेट्रो जैसे विभिन्न माध्यमों से बेहतरीन कनेक्टिविटी प्रदान की गई है। यह हवाई अड्डा यमुना एक्सप्रेसवे, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे, ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे, गंगा एक्सप्रेस-वे और डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से जुड़ा हुआ है।

इसके आसपास फिल्म सिटी, अपैरल पार्क, टॉय पार्क और सेमीकंडक्टर पार्क सहित कई बड़े औद्योगिक केंद्र विकसित किए जा रहे हैं, जो क्षेत्र में औद्योगिक प्रगति को गति देंगे। अनुमान है कि इस परियोजना से 50,000 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा, और लाखों अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।

अत्याधुनिक कार्गो हब और एमआरओ सुविधा

  • पहले चरण में 3900 मीटर लंबा एक अत्याधुनिक रनवे तैयार किया गया है, जिसमें आधुनिक नेविगेशन सिस्टम और सभी मौसमों में संचालन की सुविधा उपलब्ध है।
  • भविष्य में, यहाँ कुल 8 रनवे बनाने की महत्वाकांक्षी योजना है।
  • हवाई अड्डे पर 40 एकड़ भूमि पर एक विशाल एमआरओ (मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहॉल) सुविधा भी स्थापित की गई है, जहाँ विमानों की मरम्मत और रखरखाव का कार्य किया जा सकेगा।
  • प्रारंभिक कार्गो क्षमता 2.5 लाख टन प्रति वर्ष है, जिसे भविष्य में बढ़ाकर 18 लाख टन तक करने की योजना है। यह क्षमता आसपास की औद्योगिक इकाइयों के लिए एक बड़ा वरदान साबित होगी।

भारतीय संस्कृति से प्रेरित डिजाइन और आर्थिक लाभ

नोएडा एयरपोर्ट का डिज़ाइन बनारस के प्रसिद्ध घाटों और पारंपरिक हवेलियों जैसी भारतीय वास्तुकला से प्रेरित है। इसके चालू होने से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसानों को सीधा लाभ मिलेगा, क्योंकि उनके फल, सब्जियाँ और डेयरी उत्पाद सीधे अंतर्राष्ट्रीय बाजारों तक पहुँच सकेंगे। यह 'फार्म टू ग्लोबल मार्केट' मॉडल राज्य के लगभग 1 करोड़ MSME (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम) उद्योगों को वैश्विक स्तर पर जुड़ने में सहायता करेगा।

अपने पहले चरण में, यह एयरपोर्ट प्रति वर्ष लगभग 1.2 करोड़ यात्रियों को सेवा प्रदान करने की क्षमता रखता है, जिसे भविष्य में और बढ़ाया जाएगा। यह परियोजना न केवल हवाई यात्रा को सुगम बनाएगी बल्कि क्षेत्र के आर्थिक विकास को भी नई दिशा देगी।