ब्रेकिंग अपडेट: मोदी-ट्रंप की दोस्ती ने भारत-अमेरिका व्यापार डील में निभाई अहम भूमिका, सर्जियो गोर का बड़ा खुलासा

ब्रेकिंग अपडेट: मोदी-ट्रंप की दोस्ती ने भारत-अमेरिका व्यापार डील में निभाई अहम भूमिका, सर्जियो गोर का बड़ा खुलासा
हाल ही में आयोजित इंडिया टुडे कॉन्क्लेव में, अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच हु...

मोदी-ट्रंप की व्यक्तिगत दोस्ती ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को सफल बनाया: अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर

हाल ही में आयोजित इंडिया टुडे कॉन्क्लेव में, अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच हुए व्यापार समझौते को लेकर कई महत्वपूर्ण जानकारियाँ साझा कीं। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच मजबूत व्यक्तिगत संबंध ही इस महत्वपूर्ण व्यापार डील को अंतिम रूप देने में सबसे बड़ा कारण बने।

कॉन्क्लेव में अपने संबोधन के दौरान, गोर ने स्पष्ट रूप से बताया कि मोदी और ट्रंप ही वे 'दो प्रमुख व्यक्ति' थे जिनकी वजह से यह समझौता संपन्न हो पाया। उन्होंने दोनों नेताओं की गहरी और व्यक्तिगत दोस्ती को इस डील की सफलता का श्रेय दिया। गोर ने यह भी दोहराया कि भारत अमेरिका के लिए एक विश्वसनीय और शक्तिशाली सहयोगी है।

व्यापार समझौते पर बनी सहमति: एक साल की बातचीत का परिणाम

यह उल्लेखनीय है कि भारत और अमेरिका ने लगभग एक वर्ष की लंबी बातचीत के बाद पिछले महीने एक व्यापार समझौते को अंतिम रूप दिया था। इस अवधि में, दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंध काफी तनावपूर्ण रहे थे। इस प्रस्तावित डील के अंतर्गत, अमेरिका ने भारतीय उत्पादों पर लगने वाले आयात शुल्क (टैरिफ) को 50% से घटाकर 18% कर दिया है, जिससे भारतीय निर्यातकों को बड़ा लाभ मिलेगा।

डील से पहले अमेरिका की कड़ी आलोचना और 'डेड इकोनॉमी' वाले बयान

इस समझौते से कुछ महीने पहले की स्थिति काफी भिन्न थी। उस समय, राष्ट्रपति ट्रंप ने रूस से तेल खरीदने के लिए भारत की तीखी आलोचना की थी। अमेरिका का तर्क था कि रूस से तेल खरीदना यूक्रेन में चल रहे युद्ध के लिए मॉस्को को आर्थिक सहायता प्रदान कर रहा है। इसके जवाब में, अमेरिका ने भारत पर 25% का अतिरिक्त टैरिफ भी लगा दिया था। उस दौरान, ट्रंप और उनके सहयोगियों ने भारत के खिलाफ कई कठोर बयान दिए थे, जिसमें ट्रंप का भारत की अर्थव्यवस्था को 'डेड इकोनॉमी' (मृत अर्थव्यवस्था) बताना भी शामिल था।

सर्जियो गोर: ट्रंप के भरोसेमंद सहयोगी और भारत में अमेरिकी राजदूत

सर्जियो गोर वर्तमान में भारत गणराज्य में संयुक्त राज्य अमेरिका के राजदूत के रूप में अपनी सेवाएँ दे रहे हैं। पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उन्हें दक्षिण और मध्य एशिया के लिए विशेष दूत भी नियुक्त किया था। व्हाइट हाउस में अपने कार्यकाल के दौरान, गोर राष्ट्रपति के सहायक और प्रेसिडेंशियल पर्सनेल के निदेशक जैसे महत्वपूर्ण पदों पर भी रहे हैं। उन्हें डोनाल्ड ट्रंप के सबसे करीबी और विश्वसनीय सहयोगियों में से एक माना जाता है, जो उनके बयानों को और भी महत्वपूर्ण बनाता है।