बॉलीवुड विवाद: एआर रहमान के 'भेदभाव' आरोप पर मनोज मुंतशिर का करारा जवाब, लेटेस्ट अपडेट!

बॉलीवुड विवाद: एआर रहमान के 'भेदभाव' आरोप पर मनोज मुंतशिर का करारा जवाब, लेटेस्ट अपडेट!
हाल ही में, जाने-माने संगीतकार एआर रहमान ने भारतीय फिल्म उद्योग के बदलते माहौल और कथित भेदभाव को लेकर एक बयान दिया थ...

हाल ही में, जाने-माने संगीतकार एआर रहमान ने भारतीय फिल्म उद्योग के बदलते माहौल और कथित भेदभाव को लेकर एक बयान दिया था, जिस पर काफी चर्चा हुई। अब, मशहूर गीतकार और लेखक मनोज मुंतशिर ने रहमान के दावों का जोरदार खंडन किया है। मुंतशिर ने हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में 'सांप्रदायिक भेदभाव' के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए अपनी बात रखी है।

मनोज मुंतशिर का करारा जवाब: बॉलीवुड में टैलेंट ही पहचान

न्यूज एजेंसी आईएएनएस से बातचीत के दौरान मनोज मुंतशिर ने एआर रहमान के बयानों पर अपनी असहमति जताई। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि भारतीय सिनेमा जगत में हमेशा से ही कलाकार की पहचान उसके हुनर और काम से हुई है, न कि उसके धार्मिक जुड़ाव से। मुंतशिर ने इस बात पर जोर दिया कि बॉलीवुड किसी भी खास आधार पर भेदभाव नहीं करता।

काम की पहचान, धर्म नहीं: बड़े नामों का उदाहरण

अपने तर्क को मजबूत करने के लिए, मनोज मुंतशिर ने कई बड़े उदाहरण पेश किए। उन्होंने बताया कि कैसे कुछ नाम ऐसे हैं जिन्हें पूरे देश ने अपार प्यार दिया है, चाहे उनका धर्म कुछ भी रहा हो।

  • सुपरस्टार्स: मुंतशिर ने कहा कि भारत के सबसे बड़े और चहेते सुपरस्टार्स में सलमान खान, शाहरुख खान और आमिर खान जैसे नाम शामिल हैं, जिन्हें हर वर्ग के दर्शक पसंद करते हैं।
  • लेखक और कवि: उन्होंने जावेद अख्तर, साहिर लुधियानवी और मजरूह सुल्तानपुरी जैसे महान लेखकों और कवियों का भी जिक्र किया, जिनके काम को हमेशा सराहा गया।
  • खेल जगत: मुंतशिर ने भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन का उदाहरण भी दिया, जो यह साबित करता है कि प्रतिभा ही सर्वोपरि है।

मनोज मुंतशिर के अनुसार, ये सभी आंकड़े खुद इस बात के गवाह हैं कि हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में टैलेंट को ही सबसे ऊपर रखा जाता है।

खुली चुनौती: हर धर्म को मिलता है मौका

अपनी बात को और पुख्ता करने के लिए, मनोज मुंतशिर ने एक खुली चुनौती भी दी। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति किसी भी हिंदी फिल्म के शुरुआती या आखिरी क्रेडिट्स को उठाकर देख सकता है।

मुंतशिर ने कहा, "वहां काम करने वाले लगभग 250 लोगों की लिस्ट में आपको हर धर्म और समुदाय के नाम मिलेंगे। यह साफ दर्शाता है कि हमारे इकोसिस्टम में हर किसी को बराबर का अवसर और सम्मान मिलता है।"

एआर रहमान का सम्मान, पर हर बात से असहमति

मनोज मुंतशिर ने एआर रहमान के प्रति अपना सम्मान व्यक्त करते हुए कहा कि हमें गर्व है कि रहमान साहब हमारे देश से हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इसका मतलब यह नहीं कि उनकी हर बात से सहमत हुआ जाए। मुंतशिर ने विशेष रूप से उस दावे पर सवाल उठाया जिसमें पिछले आठ सालों के समय को निशाना बनाया गया था।

आठ साल पर सवाल और बॉक्स ऑफिस सफलता

मुंतशिर ने अपनी बात रखते हुए कहा, "मुझे यह समझ नहीं आता कि केवल पिछले आठ सालों की अवधि को ही क्यों लक्ष्य बनाया जा रहा है?" उन्होंने यह भी याद दिलाया कि इसी दौरान 'पठान' और 'जवान' जैसी फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर कमाई के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए। यह साफ दर्शाता है कि दर्शक केवल अच्छे काम को ही प्यार देते हैं, न कि किसी और आधार पर फिल्म को देखते हैं।

एआर रहमान ने क्या कहा था?

दरअसल, बीबीसी एशियन नेटवर्क को दिए एक इंटरव्यू में एआर रहमान ने कहा था कि "पिछले 8 सालों में शायद सत्ता का बदलाव हुआ है और जो रचनात्मक नहीं हैं, वे फैसले ले रहे हैं। शायद साम्प्रदायिक बात भी रही हो, लेकिन मेरे सामने किसी ने नहीं कहा। हां, कुछ फुसफुसाहट सुनाई देती हैं। जैसे आपको बुक किया था, लेकिन दूसरी म्यूजिक कंपनी ने फिल्म फंड की और अपने संगीतकार ले आए। मैं कहता हूं ठीक है, मैं आराम करूंगा।"