आईआईटीयन बाबा अभय सिंह और प्रीतिका की प्रेम कहानी: झज्जर में भव्य स्वागत और 'श्री यूनिवर्सिटी' की योजना

आईआईटीयन बाबा अभय सिंह और प्रीतिका की प्रेम कहानी: झज्जर में भव्य स्वागत और 'श्री यूनिवर्सिटी' की योजना
प्रयागराज में वर्ष 2025 में आयोजित महाकुंभ के दौरान 'आईआईटीयन बाबा' के नाम से प्रसिद्ध हुए अभय सिंह ने हाल ही में प्रीतिका के साथ गुपचुप तरीके से विवाह कर लिया है। नवविवाहित जोड़ा पहली बार अभय सिंह के पैतृक निवास, हरियाणा के झज्जर पहुंचा, जहां उनका भव्य और पारंपरिक रीति-रिवाजों से स्वागत किया गया। इ...

प्रयागराज में वर्ष 2025 में आयोजित महाकुंभ के दौरान 'आईआईटीयन बाबा' के नाम से प्रसिद्ध हुए अभय सिंह ने हाल ही में प्रीतिका के साथ गुपचुप तरीके से विवाह कर लिया है। नवविवाहित जोड़ा पहली बार अभय सिंह के पैतृक निवास, हरियाणा के झज्जर पहुंचा, जहां उनका भव्य और पारंपरिक रीति-रिवाजों से स्वागत किया गया। इस अवसर पर, आईआईटीयन बाबा ने अपनी पत्नी प्रीतिका से मुलाकात के विवरण और शादी के बाद की भविष्य की योजनाओं का खुलासा किया, जिसमें एक अद्वितीय 'श्री यूनिवर्सिटी' की स्थापना का विचार शामिल है।

मुख्य बिंदु

  • 'आईआईटीयन बाबा' अभय सिंह ने प्रीतिका से विवाह कर लिया है और यह जोड़ा पहली बार उनके पैतृक शहर झज्जर पहुंचा है।
  • झज्जर में बहू प्रीतिका का पारंपरिक और जोरदार स्वागत हुआ, जिसमें मंगल कलश रस्म भी शामिल थी।
  • अभय सिंह और प्रीतिका की पहली मुलाकात वर्ष 2025 में महाकुंभ के बाद सद्गुरु के कोयंबटूर स्थित आश्रम में महाशिवरात्रि महोत्सव के दौरान हुई थी।
  • दोनों ने पहले मंदिर में विवाह किया था, जिसके दो महीने बाद उन्होंने कानूनी रूप से कोर्ट मैरिज की।
  • आईआईटीयन बाबा ने अपनी पत्नी के साथ मिलकर 'श्री यूनिवर्सिटी' नामक एक आध्यात्मिक विश्वविद्यालय शुरू करने की योजना की घोषणा की है।
  • यह विश्वविद्यालय धर्म और आध्यात्म से जुड़ी विभिन्न साधनाओं का ज्ञान प्रदान करेगा, जिसका उद्देश्य 'आध्यात्मिक शोधकर्ताओं' को तैयार करना है।

अब तक क्या पता चला है

हाल ही में, आईआईटीयन बाबा, जिनका असली नाम अभय सिंह है, ने प्रीतिका के साथ विवाह संपन्न किया है। यह शादी शुरू में गुप्त रखी गई थी, लेकिन अब वे अपनी पत्नी के साथ सार्वजनिक रूप से सामने आए हैं। अभय सिंह और प्रीतिका पहली बार अभय सिंह के पैतृक निवास, हरियाणा के झज्जर जिले में पहुंचे हैं। वहां, उनका परिवार और स्थानीय लोगों द्वारा गर्मजोशी से स्वागत किया गया। प्रीतिका ने सिर पर मंगल कलश रखकर गृह प्रवेश किया, जबकि अभय सिंह उनके पीछे चलते हुए देखे गए। अभय सिंह की मां ने नए जोड़े का तिलक किया और आरती उतारकर उन्हें घर में प्रवेश कराया।

एक साक्षात्कार में, अभय सिंह ने बताया कि उनकी मुलाकात प्रीतिका से कैसे हुई। उन्होंने जानकारी दी कि वर्ष 2025 में हुए महाकुंभ के बाद, वे सद्गुरु के कोयंबटूर स्थित आश्रम में आयोजित महाशिवरात्रि महोत्सव में शामिल होने पहुंचे थे। इसी स्थान पर, आदियोगी की विशाल प्रतिमा के समक्ष, उनकी पहली मुलाकात प्रीतिका से हुई, जो मूल रूप से बेंगलुरु, कर्नाटक की निवासी हैं। उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने मंदिर में बहुत पहले ही शादी कर ली थी, लेकिन कानूनी रूप से उनकी कोर्ट मैरिज दो महीने पहले हुई है। वर्तमान में, यह युगल हिमाचल प्रदेश में रह रहा है।

संदर्भ और पृष्ठभूमि

'आईआईटीयन बाबा' उर्फ अभय सिंह ने प्रयागराज में वर्ष 2025 के महाकुंभ के दौरान काफी प्रसिद्धि हासिल की थी। सोशल मीडिया पर उनके वीडियो और साक्षात्कार तेजी से वायरल हुए, जिससे उन्हें यह विशिष्ट पहचान मिली। उनका नाम 'आईआईटीयन बाबा' इसलिए पड़ा क्योंकि उन्होंने आईआईटी बॉम्बे से एयरोस्पेस इंजीनियरिंग में बी.टेक की डिग्री प्राप्त की थी। यह दावा किया जाता है कि उन्होंने कनाडा में भी नौकरी की थी, लेकिन बाद में उनका रुझान धर्म और आध्यात्म की ओर बढ़ने लगा। इसी झुकाव के चलते उन्होंने अपनी नौकरी छोड़ दी और भारत लौट आए, जहां उन्होंने आध्यात्मिक मार्ग अपनाया।

भारत में, ऐसे कई उदाहरण देखने को मिलते हैं जहाँ उच्च शिक्षित व्यक्ति, विशेषकर प्रतिष्ठित संस्थानों जैसे आईआईटी से, भौतिकवादी जीवनशैली को छोड़कर आध्यात्मिक मार्ग अपनाते हैं। यह प्रवृत्ति भारतीय संस्कृति और दर्शन में आध्यात्मिकता के गहरे महत्व को दर्शाती है। महाकुंभ, जो कि दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक समागम है, ऐसे व्यक्तियों और विचारों के लिए एक मंच प्रदान करता है, जहाँ वे अपनी आध्यात्मिक यात्रा को साझा करते हैं और लाखों लोगों को प्रेरित करते हैं। सद्गुरु का कोयंबटूर स्थित ईशा योग केंद्र भी एक महत्वपूर्ण आध्यात्मिक स्थल है, जो योग, ध्यान और आत्म-परिवर्तन के लिए जाना जाता है। आदियोगी की विशाल प्रतिमा, जो वहां स्थित है, भगवान शिव के आदि गुरु स्वरूप का प्रतिनिधित्व करती है, जिन्होंने मानवता को योग विज्ञान दिया। इस प्रकार, अभय सिंह की यात्रा आधुनिक शिक्षा और प्राचीन भारतीय आध्यात्मिक परंपराओं के बीच एक अनूठा संगम प्रस्तुत करती है, जो कई युवाओं को आकर्षित करती है।

आगे क्या होगा

आईआईटीयन बाबा अभय सिंह ने अपनी शादी के बाद की महत्वपूर्ण योजना का खुलासा किया है। उन्होंने अपनी पत्नी प्रीतिका के साथ मिलकर 'श्री यूनिवर्सिटी' नामक एक शैक्षणिक संस्थान की स्थापना की घोषणा की है। यह विश्वविद्यालय एक ऐसी जगह के रूप में परिकल्पित है जहाँ लोगों को विभिन्न प्रकार की साधनाओं और आध्यात्मिक ज्ञान का प्रशिक्षण दिया जाएगा। अभय सिंह के अनुसार, इस विश्वविद्यालय में आने वाले लोगों को 'आध्यात्मिक शोधकर्ता' कहा जा सकता है, जो प्राचीन ऋषि-मुनियों के समान ज्ञान की खोज करेंगे। उनका लक्ष्य इस विश्वविद्यालय में धर्म और आध्यात्म से संबंधित सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना है। आने वाले समय में, इस विश्वविद्यालय की स्थापना और उसके पाठ्यक्रम से संबंधित विस्तृत जानकारी सामने आने की उम्मीद है। यह देखना दिलचस्प होगा कि यह आधुनिक आध्यात्मिक संस्थान किस तरह से पारंपरिक ज्ञान और समकालीन शिक्षा पद्धतियों को एकीकृत करता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

  • आईआईटीयन बाबा का असली नाम क्या है?
    उनका असली नाम अभय सिंह है।
  • आईआईटीयन बाबा किस संस्थान से पढ़े हैं?
    उन्होंने आईआईटी बॉम्बे से एयरोस्पेस इंजीनियरिंग में बी.टेक की डिग्री प्राप्त की है।
  • उनकी पत्नी प्रीतिका कहां की रहने वाली हैं?
    प्रीतिका मूल रूप से बेंगलुरु, कर्नाटक की रहने वाली हैं।
  • अभय सिंह और प्रीतिका की पहली मुलाकात कहाँ हुई थी?
    उनकी पहली मुलाकात वर्ष 2025 में महाकुंभ के बाद, सद्गुरु के कोयंबटूर स्थित आश्रम में महाशिवरात्रि महोत्सव के दौरान हुई थी।
  • 'श्री यूनिवर्सिटी' का मुख्य उद्देश्य क्या है?
    'श्री यूनिवर्सिटी' का उद्देश्य लोगों को विभिन्न प्रकार की साधनाओं और आध्यात्मिक ज्ञान का प्रशिक्षण देना है, जिससे 'आध्यात्मिक शोधकर्ता' तैयार किए जा सकें।