ताजा अपडेट: भारत मंडपम प्रोटेस्ट विवाद, हिमाचल में कांग्रेस कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी पर दिल्ली-हिमाचल पुलिस में टकराव

ताजा अपडेट: भारत मंडपम प्रोटेस्ट विवाद, हिमाचल में कांग्रेस कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी पर दिल्ली-हिमाचल पुलिस में टकराव
दिल्ली के प्रतिष्ठित भारत मंडपम में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट के समय हुए 'शर्टलेस विरोध प्रदर्शन' से जुड़े प्रकरण म...
भारत मंडपम प्रोटेस्ट विवाद: हिमाचल में दिल्ली-हिमाचल पुलिस में टकराव

भारत मंडपम प्रोटेस्ट: दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर हिमाचल में बड़ा विवाद, कांग्रेस कार्यकर्ता हिरासत में

दिल्ली के प्रतिष्ठित भारत मंडपम में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट के समय हुए 'शर्टलेस विरोध प्रदर्शन' से जुड़े प्रकरण में पुलिस की जांच और कार्रवाई ने अब तेज़ी पकड़ ली है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने हाल ही में हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले से कांग्रेस के तीन और कार्यकर्ताओं को अपनी हिरासत में लिया है। इन नई गिरफ्तारियों के साथ, इस मामले में अब तक कुल 11 लोगों को पकड़ा जा चुका है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, सौरभ, सिद्धार्थ और अरबाज नामक इन तीनों व्यक्तियों को शिमला जिले के रोहड़ू उपमंडल के एक होटल से हिरासत में लिया गया। उन्हें स्थानीय न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें आगे की पूछताछ के लिए राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली ले जाने हेतु ट्रांजिट रिमांड मिल गया।

हिमाचल पुलिस ने दिल्ली पुलिस को रोका, गहराया टकराव

लेकिन, यह पूरा घटनाक्रम तब एक नाटकीय मोड़ पर पहुँच गया, जब हिमाचल पुलिस ने दिल्ली पुलिस की विशेष टीम को रास्ते में ही रोक लिया। दिल्ली पुलिस इन गिरफ्तार किए गए कार्यकर्ताओं को राष्ट्रीय राजधानी ले जा रही थी। दरअसल, दिल्ली पुलिस ने इस ऑपरेशन को अंजाम देने से पहले स्थानीय हिमाचल पुलिस को कोई पूर्व सूचना नहीं दी थी। इसी बात पर प्रतिक्रिया देते हुए, हिमाचल पुलिस ने उन वाहनों को रोक लिया जिनमें आरोपियों को ले जाया जा रहा था। बताया जा रहा है कि दिल्ली पुलिस की दो गाड़ियों को शिमला में और एक तीसरी गाड़ी को सोलन जिले के धरमपुर के पास रोका गया। विश्वसनीय सूत्रों के मुताबिक, हिमाचल पुलिस ने दिल्ली पुलिस के जवानों सहित लगभग 15 से 20 व्यक्तियों को कुछ समय के लिए हिरासत में ले लिया। हालांकि, इस पूरे अप्रत्याशित घटनाक्रम पर दिल्ली पुलिस की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

क्या है 'शर्टलेस विरोध प्रदर्शन' का पूरा मामला?

यह पूरा राजनीतिक विवाद 20 फरवरी को भारत मंडपम में हुए 'शर्टलेस विरोध प्रदर्शन' से जुड़ा हुआ है। यह विरोध प्रदर्शन उस समय हुआ था जब वहाँ एक उच्च-स्तरीय अंतर्राष्ट्रीय कार्यक्रम चल रहा था, जिसमें बड़ी संख्या में गणमान्य व्यक्ति और विदेशी प्रतिनिधि उपस्थित थे। इस घटना के बाद, पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत दंगा भड़काने जैसे गंभीर आरोप लगाए थे। पुलिस ने मिली खुफिया जानकारी और तकनीकी निगरानी के आधार पर अपनी कार्रवाई को आगे बढ़ाया। जांच में यह सामने आया है कि गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों ने इस विरोध प्रदर्शन को समन्वित करने और उसका समर्थन करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इससे पहले, इंडियन यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष उदय भानु चिब और संगठन के पूर्व राष्ट्रीय प्रवक्ता भूदेव शर्मा को भी इस मामले में गिरफ्तार किया जा चुका है।

मुख्यमंत्री सुक्खू ने बताया दुर्भाग्यपूर्ण, सियासी पारा चढ़ा

इस पूरे प्रकरण पर हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए इसे 'दुर्भाग्यपूर्ण' और 'संवैधानिक प्रक्रियाओं के विरुद्ध' बताया है। इस घटना ने अब एक स्पष्ट सियासी रंग ले लिया है, और दिल्ली पुलिस तथा हिमाचल पुलिस के बीच समन्वय और सहयोग की कमी पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। यह मामला दोनों राज्यों की पुलिस बलों के बीच एक बड़ा टकराव बनकर उभरा है, जिससे आने वाले दिनों में और अधिक राजनीतिक गरमागरमी देखने को मिल सकती है।