देहरादून जंगल आग का ताज़ा कहर: त्यूणी में सेब बागान और घर खाक, किसानों को भारी नुकसान

देहरादून जंगल आग का ताज़ा कहर: त्यूणी में सेब बागान और घर खाक, किसानों को भारी नुकसान
उत्तराखंड के देहरादून जिले में स्थित त्यूणी क्षेत्र इस समय भीषण जंगल की आग की चपेट में है। इस भयावह आग ने न केवल हरे...
देहरादून जंगल आग का ताज़ा कहर: त्यूणी में सेब बागान और घर खाक, किसानों को भारी नुकसान

देहरादून में जंगल की आग का ताज़ा अपडेट: त्यूणी क्षेत्र में सेब के बागानों को भारी क्षति

उत्तराखंड के देहरादून जिले में स्थित त्यूणी क्षेत्र इस समय भीषण जंगल की आग की चपेट में है। इस भयावह आग ने न केवल हरे-भरे सेब के बागानों को अपनी गिरफ्त में ले लिया है, बल्कि कई स्थानीय घरों को भी गंभीर क्षति पहुँचाई है। यह घटना क्षेत्र के किसानों और निवासियों के लिए एक बड़ी चिंता का विषय बन गई है।

सेब के बागानों को भारी नुकसान, किसानों की आजीविका पर संकट

इस प्राकृतिक आपदा के कारण, त्यूणी में स्थित सेब की फसलें और उनके बागान पूरी तरह से जलकर राख हो गए हैं। यह स्थिति उन मेहनती किसानों के लिए एक बड़ी त्रासदी है, जिनकी रोज़ी-रोटी इन बागानों पर निर्भर करती थी। उनकी आय का मुख्य स्रोत नष्ट हो जाने से उनका भविष्य अंधकारमय दिख रहा है।

  • पूर्ण विनाश: आग ने सेब के हज़ारों पेड़ों को राख में बदल दिया है।
  • आजीविका का संकट: सैकड़ों किसानों की आय का एकमात्र साधन छिन गया है।
  • घर भी प्रभावित: कई किसानों के घर भी आग की चपेट में आने से क्षतिग्रस्त हुए हैं।

किसानों ने प्रशासन से तत्काल मुआवजे की मांग की

इस गंभीर क्षति को देखते हुए, क्षेत्र के पीड़ित किसानों ने स्थानीय प्रशासन से तत्काल आर्थिक सहायता और मुआवजे की मांग की है। उनका कहना है कि इस सहायता के बिना वे अपनी नष्ट हुई फसलों के नुकसान की भरपाई नहीं कर पाएंगे और अपने जीवन को पटरी पर लाना असंभव होगा।

एक प्रभावित किसान ने बताया, "हमने अपनी पूरी मेहनत और पूंजी इन बागानों में लगाई थी। अब सब कुछ खत्म हो गया है। सरकार से हमारी गुजारिश है कि जल्द से जल्द हमारी मदद की जाए ताकि हम फिर से शुरुआत कर सकें।"

आग बुझाने के प्रयास जारी

स्थानीय अधिकारियों और वन विभाग की टीमें आग पर काबू पाने के लिए लगातार प्रयास कर रही हैं, लेकिन सूखी पत्तियाँ और तेज़ हवाएँ चुनौती बढ़ा रही हैं। इस देहरादून जंगल आग को नियंत्रित करने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं ताकि और अधिक नुकसान को रोका जा सके। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लेना शुरू कर दिया है और नुकसान का आकलन किया जा रहा है।