ब्रेकिंग न्यूज़: CM मोहन यादव का बड़ा एक्शन, गुना हवाला मामले में SP-कलेक्टर पर गिरी गाज, कई निलंबित

ब्रेकिंग न्यूज़: CM मोहन यादव का बड़ा एक्शन, गुना हवाला मामले में SP-कलेक्टर पर गिरी गाज, कई निलंबित
मध्य प्रदेश के गुना जिले में सामने आए एक सनसनीखेज हवाला प्रकरण ने पूरे पुलिस महकमे की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल ख...
ब्रेकिंग न्यूज़: CM मोहन यादव का बड़ा एक्शन, गुना हवाला मामले में SP-कलेक्टर पर गिरी गाज, कई निलंबित

मध्य प्रदेश में सीएम मोहन यादव का कड़ा रुख: गुना हवाला कांड में बड़े अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई

मध्य प्रदेश के गुना जिले में सामने आए एक सनसनीखेज हवाला प्रकरण ने पूरे पुलिस महकमे की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस मामले में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने तत्काल प्रभाव से सख्त एक्शन लेते हुए गुना के पुलिस अधीक्षक (SP) और सीधी के जिला कलेक्टर समेत कई अधिकारियों को हटा दिया है, जबकि कुछ को निलंबित भी किया गया है। यह घटना राज्य में प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर मुख्यमंत्री के दृढ़ संकल्प को दर्शाती है।

क्या है गुना का हवाला मामला?

जानकारी के अनुसार, यह मामला पुलिस द्वारा अवैध वसूली से जुड़ा है। इससे पहले सिवनी में भी हवाला के पैसों की लूट के एक मामले में पुलिस की भूमिका पर सवाल उठे थे, और अब गुना में भी पुलिसकर्मियों पर अवैध तरीके से पैसे वसूलने के गंभीर आरोप लगे हैं। कहा जा रहा है कि पुलिस ने गुजरात के एक मसाला व्यापारी को धमकाकर उससे 20 लाख रुपये की वसूली की।

सूत्रों के मुताबिक, व्यापारी अपनी स्कॉर्पियो (नंबर GJ05 RK 9351) में एक करोड़ रुपये नकद लेकर गुजरात की ओर जा रहा था। राष्ट्रीय राजमार्ग 46 पर पगारा टोल प्लाजा के पास दो पुलिसकर्मियों ने उसकी गाड़ी को रोका और उसे रूठियाई पुलिस चौकी ले गए। आरोपों के मुताबिक, रूठियाई चौकी पर पुलिस ने हवाला के पैसों को लेकर व्यापारी पर भारी दबाव बनाया और 20 लाख रुपये में मामला रफा-दफा करने का सौदा तय किया। इसके बाद धरनावदा पुलिस ने कथित रूप से एक करोड़ रुपये में से 20 लाख रुपये जब्त कर व्यापारी और उसकी गाड़ी को छोड़ दिया।

IPS अधिकारी के दखल के बाद वापस हुए पैसे

पुलिस से छूटने के बाद, पीड़ित व्यापारी ने गुजरात के एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी से इस घटना की शिकायत की। उस आईपीएस अधिकारी ने तुरंत गुना के पुलिस अधीक्षक को इस पूरे प्रकरण से अवगत कराया। जानकारी मिलते ही गुना एसपी ने धरनावदा पुलिस को कड़ी फटकार लगाई, जिसके बाद व्यापारी से वसूले गए 20 लाख रुपये उसे लौटा दिए गए। कहा जाता है कि व्यापारी ने इस मामले की शिकायत गुजरात के एक प्रमुख राजनीतिक व्यक्ति से भी की, जिससे यह मामला और भी गंभीर हो गया। इस घटना के सार्वजनिक होते ही पुलिस विभाग में खलबली मच गई।

जांच में पुलिस की भूमिका संदिग्ध, सख्त कार्रवाई के संकेत

मध्य प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ने इस पूरे मामले का संज्ञान लिया और ग्वालियर संभाग के आईजी को इसकी जांच के आदेश दिए। आईजी अरविंद सक्सेना ने मामले की गंभीरता को समझते हुए डीआईजी अमित सांघी को जांच के लिए गुना भेजा। आईजी ने कहा कि इस घटना में पुलिस की कार्यप्रणाली बेहद संदिग्ध दिख रही है। यदि यह वाकई हवाला का मामला था, तो इसकी जानकारी आयकर विभाग को तुरंत दी जानी चाहिए थी। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि किसी भी पुलिसकर्मी की अवैध वसूली में संलिप्तता पाई जाती है, तो उसके विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।

डीआईजी अमित सांघी ने धरनावदा थाने और रूठियाई पुलिस चौकी का दौरा कर संबंधित पुलिसकर्मियों से गहन पूछताछ की। इस दौरान पुलिस अधीक्षक अंकित सोनी भी उपस्थित थे। डीआईजी ने बताया कि प्रथम दृष्टया इस मामले में पुलिस की भूमिका संदिग्ध लग रही है, और चूंकि शिकायतकर्ता अभी मौजूद नहीं है, इसलिए जांच को और विस्तृत रूप से किया जाएगा। इस पूरे घटनाक्रम में थाना प्रभारी प्रभात कटारे सहित चार पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। जांच पूरी होने के बाद एक विस्तृत रिपोर्ट पेश की जाएगी और नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री का सख्त रुख: बड़े अधिकारियों पर गिरी गाज

मामले के गरमाने के बाद, मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट के जरिए अपना सख्त रुख स्पष्ट किया। उन्होंने गुना जिले में इस पूरे प्रकरण में पुलिस अधीक्षक अंकित सोनी की भूमिका को अनुचित मानते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से पद से हटाने का आदेश दिया। मुख्यमंत्री ने कड़े शब्दों में कहा कि प्रशासनिक ढिलाई, लापरवाही या किसी भी प्रकार की अनियमितता को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी सुनिश्चित किया कि दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सबसे कठोर कार्रवाई की जाएगी।

इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री ने सीधी जिले के आकस्मिक निरीक्षण के बाद वहां के जिला कलेक्टर स्वरोचित सोमवंशी को हटाने और जिला सहकारी बैंक के महाप्रबंधक पीएस धनवाल को निलंबित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि अधिकारियों को अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी निष्ठा से करना चाहिए और हर स्तर पर जवाबदेही तय की जाएगी। इसी क्रम में, 2018 बैच की आईपीएस अधिकारी हितिका वासल को गुना का नया पुलिस अधीक्षक नियुक्त किया गया है। मुख्यमंत्री का यह बड़ा फैसला प्रदेश में सुशासन और भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।