पश्चिम बंगाल के राज्यपाल को मिली जान से मारने की धमकी: सुरक्षा में भारी इजाफा
पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस को जान से मारने की गंभीर धमकी मिली है। राजभवन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इस बात की पुष्टि की है कि गुरुवार रात को राज्यपाल को एक ईमेल प्राप्त हुआ, जिसमें उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई थी। इस घटना के बाद उनकी सुरक्षा व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से बढ़ा दिया गया है।
धमकी का विवरण और सुरक्षा संबंधी बैठक
अधिकारियों के अनुसार, धमकी भरे ईमेल में राज्यपाल आनंद बोस को 'बम से उड़ाने' की बात कही गई है। राज्यपाल के विशेष कर्तव्य अधिकारी (OSD) ने तुरंत इस मामले की जानकारी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को दी है। इसके साथ ही, राज्य पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की टीमों को उनकी सुरक्षा में तैनात कर दिया गया है। इस गंभीर धमकी के बाद, देर रात राज्यपाल की सुरक्षा का जिम्मा संभालने वाले सुरक्षा बलों के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक भी हुई, जिसमें आगे की रणनीति पर विचार किया गया।
धमकी भरे ईमेल मिलने के बाद पूरे क्षेत्र में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। राजभवन के एक अधिकारी ने यह भी बताया कि ईमेल भेजने वाले ने अपना मोबाइल नंबर भी साझा किया है। राज्य के पुलिस महानिदेशक (DGP) को इस घटना से अवगत करा दिया गया है और उनसे धमकी देने वाले व्यक्ति की तुरंत गिरफ्तारी की मांग की गई है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को भी इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी गई है।
राज्यपाल आनंद बोस को पहले से ही जेड-प्लस श्रेणी की सुरक्षा मिली हुई है। अब उनकी सुरक्षा में केंद्रीय सुरक्षाबलों के 60 से 70 अतिरिक्त जवान तैनात किए गए हैं, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
राजनीतिक प्रतिक्रिया: बीजेपी ने ममता सरकार को घेरा
इस धमकी भरे मामले के सामने आने के बाद राज्य की राजनीति में भी उबाल आ गया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इस घटना को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सरकार पर तीखे सवाल उठाए हैं। बीजेपी आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (पहले ट्विटर) पर एक पोस्ट के जरिए अपनी बात रखी।
उन्होंने अपने पोस्ट में कहा कि, "ममता बनर्जी के शासन में आपका स्वागत है, जहां राज्य के राज्यपाल भी सुरक्षित नहीं हैं। पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा चुकी है।" मालवीय ने आगे आरोप लगाया कि, "राज्य की गृह मंत्री, ममता बनर्जी, कोयला तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपी एक निजी फर्म को बचाने के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ED) से सबूत वाली फाइलें छीनने में व्यस्त हैं।" उन्होंने मुख्यमंत्री को एक पूरी तरह से असफल नेता बताया, जो राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सक्षम नहीं हैं।