टी20 वर्ल्ड कप: अक्षर पटेल को बाहर रखने पर बड़ी खबर! गंभीर-सूर्या की रणनीति का खुलासा

टी20 वर्ल्ड कप: अक्षर पटेल को बाहर रखने पर बड़ी खबर! गंभीर-सूर्या की रणनीति का खुलासा
टी20 वर्ल्ड कप के सुपर-8 मुकाबले में भारतीय टीम को दक्षिण अफ्रीका के हाथों करारी हार का सामना करना पड़ा है। इस शिकस्त ...

टी20 वर्ल्ड कप के सुपर-8 मुकाबले में भारतीय टीम को दक्षिण अफ्रीका के हाथों करारी हार का सामना करना पड़ा है। इस शिकस्त ने भारत के सेमीफाइनल में पहुंचने की राह को काफी चुनौतीपूर्ण बना दिया है। अहमदाबाद में हुए इस मैच में टीम इंडिया की हार के पीछे कई कारण माने जा रहे हैं, जिनमें बल्लेबाजों का औसत प्रदर्शन और ऑलराउंडर अक्षर पटेल को प्लेइंग इलेवन से बाहर रखना प्रमुख हैं।

अक्षर पटेल की जगह टीम में ऑफ स्पिनर वॉशिंगटन सुंदर को शामिल किया गया था, जिस पर क्रिकेट जगत में काफी सवाल उठे। लेकिन अब इस फैसले के पीछे की असली वजह सामने आ गई है। भारतीय टीम के बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने हाल ही में एक चौंकाने वाला खुलासा किया है कि आखिर सुपर-8 के इस अहम मैच से पहले अक्षर पटेल को अंतिम ग्यारह से बाहर क्यों रखा गया था।

कोटक का चौंकाने वाला खुलासा

कोटक ने बताया कि मैच से पहले कप्तान सूर्यकुमार यादव और मुख्य कोच गौतम गंभीर ने अक्षर पटेल से विस्तार से बात की थी। उन्होंने अक्षर को समझाया कि दक्षिण अफ्रीकी टीम के शीर्ष क्रम में तीन बाएं हाथ के बल्लेबाज हैं, इसलिए टीम को एक ऑफ स्पिनर की सख्त जरूरत है। अक्षर पटेल टीम इंडिया के उपकप्तान भी हैं, ऐसे में उन्हें बाहर करने के इस बड़े फैसले पर सवाल उठना स्वाभाविक था। इस फैसले पर कई पूर्व क्रिकेटरों ने भी अपनी राय व्यक्त की थी, जिनमें रविचंद्रन अश्विन भी शामिल थे, जिन्होंने टीम प्रबंधन के इस कदम पर सवाल उठाए थे।

आखिर क्या थी टीम की रणनीति?

सितांशु कोटक ने स्पष्ट किया कि सूर्यकुमार और गौतम गंभीर, दोनों ने अक्षर से बात की थी। टीम का मानना था कि दक्षिण अफ्रीका के टॉप ऑर्डर में कई बाएं हाथ के बल्लेबाज होने के कारण एक ऑफ स्पिनर की उपस्थिति अनिवार्य थी। रणनीति यह थी कि वॉशिंगटन सुंदर पावरप्ले में गेंदबाजी करेंगे, ताकि बाएं हाथ के बल्लेबाजों पर दबाव बनाया जा सके। हालांकि, मैच के दौरान गेंदबाजी की योजनाओं में कुछ बदलाव हुए और वॉशिंगटन को पावरप्ले में गेंदबाजी करने का मौका नहीं मिला, जबकि शुरुआती विकेट लेने में टीम सफल रही थी। कोटक ने आगे बताया कि टीम प्रबंधन ने दक्षिण अफ्रीका के मजबूत बाएं हाथ के बल्लेबाजों को ध्यान में रखते हुए ही ऑफ स्पिनर को प्राथमिकता दी थी, भले ही मैच के दौरान गेंदबाजी की योजनाएं पूरी तरह से लागू नहीं हो पाईं।

आगे की राह और दबाव

सुपर-8 चरण में एक हार के बाद अब भारतीय टीम के लिए बाकी बचे दो मुकाबले 'करो या मरो' की स्थिति वाले बन गए हैं। भारत को अब जिम्बाब्वे और वेस्टइंडीज के खिलाफ अपने अगले मुकाबलों में जीत दर्ज करनी होगी ताकि टी20 वर्ल्ड कप में सेमीफाइनल की उम्मीदें जिंदा रखी जा सकें। हालांकि, बल्लेबाजी कोच कोटक का मानना है कि भारतीय खिलाड़ी दबाव को संभालने के आदी हैं और वे जल्द ही इस हार से उबरकर वापसी करेंगे। टीम प्रबंधन को उम्मीद है कि आगामी मैचों में खिलाड़ी बेहतर प्रदर्शन कर सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की करेंगे।