राजकोट, गुजरात: हाल ही में राजकोट से एक बड़ी खबर सामने आई है जहाँ एक सेवानिवृत्त शिक्षक को हनीट्रैप का शिकार बनाकर लाखों रुपये की धोखाधड़ी की गई है। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक अन्य आरोपी की तलाश जारी है। यह घटना एक बार फिर ऑनलाइन धोखाधड़ी और ब्लैकमेलिंग गिरोहों की सक्रियता को उजागर करती है।
रिटायरमेंट की पूंजी पर डाका: कैसे फंसाए गए शिक्षक?
बोटाद निवासी 59 वर्षीय यह शिक्षक अक्टूबर 2025 में सेवानिवृत्त हुए थे। अपनी जीवन भर की जमा पूंजी और सेवानिवृत्ति के बाद मिली राशि से वे कृषि भूमि खरीदना चाहते थे। इसी दौरान उनकी मुलाकात पायल पटेल नामक एक महिला से हुई। पायल ने खुद को जमीन के कारोबार से जुड़ा बताया और मीठी बातों से शिक्षक का विश्वास जीत लिया।
जमीन दिखाने के बहाने राजकोट बुलाया गया
- लगभग एक साल पहले बोटाद में एक स्कूल कार्यक्रम के दौरान पायल और शिक्षक की पहली मुलाकात हुई।
- पायल ने शिक्षक को बताया कि राजकोट के पास एक कृषि भूमि बिक्री के लिए उपलब्ध है।
- जमीन देखने के बहाने शिक्षक को राजकोट आने के लिए राजी किया गया।
- अहमदाबाद के उजाला सर्कल के पास से पायल अपनी कार में शिक्षक को राजकोट ले गई।
होटल के कमरे में रची गई साज़िश
राजकोट पहुँचने पर पायल ने ग्रीनलैंड चौकड़ी से एक और महिला को अपने साथ लिया और फिर वे सभी एक होटल में ठहरे। होटल के कमरे में पहुँचते ही हनीट्रैप का असली खेल शुरू हुआ।
- पायल ने यह कहकर कमरा छोड़ दिया कि वह जमीन मालिक से बात करने जा रही है।
- पायल के जाते ही कमरे में मौजूद दूसरी महिला ने अचानक अपने कपड़े उतारना शुरू कर दिया।
- इसी बीच, एक और महिला कमरे में दाखिल हुई और शिक्षक पर शारीरिक संबंध बनाने का दबाव डालने लगी।
- शिक्षक के विरोध करने पर महिलाओं ने उन्हें POCSO और बलात्कार के झूठे आरोप में फँसाने की धमकी दी।
- धमकी के बाद, गिरोह ने शिक्षक के साथ जबरन संबंध बनाए और उनकी आपत्तिजनक तस्वीरें व वीडियो रिकॉर्ड कर लिए।
लाखों की ब्लैकमेलिंग और भुगतान
रिकॉर्ड किए गए वीडियो और तस्वीरों के आधार पर शिक्षक को ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया गया।
शुरुआत में आरोपियों ने 40 लाख रुपये की भारी भरकम राशि की मांग की। लंबी बहस और मिन्नतों के बाद, यह सौदा 12 लाख रुपये में तय हुआ। दबाव में आकर शिक्षक ने आरटीजीएस के माध्यम से पायल पटेल के खाते में 12 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए।
हालांकि, इतनी बड़ी रकम मिलने के बाद भी इस ब्लैकमेलिंग गिरोह का लालच शांत नहीं हुआ और उन्होंने शिक्षक से और पैसे की मांग करना जारी रखा।
पुलिस कार्रवाई और आरोपियों की गिरफ्तारी
बार-बार की धमकियों से तंग आकर और हिम्मत जुटाकर शिक्षक ने राजकोट क्राइम ब्रांच से संपर्क किया। एसीपी राजकोट क्राइम ब्रांच ने बताया कि तकनीकी निगरानी और मुखबिरों से मिली सूचनाओं के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपी:
- पायल पटेल: इस गिरोह की मुख्य सूत्रधारों में से एक।
- नीलेश झुंझा: गिरोह का एक अन्य सदस्य।
- तेजल टिंडानी: एक और महिला आरोपी।
चौंकाने वाले खुलासे:
पुलिस की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है:
| आरोपी का नाम | पिछला आपराधिक रिकॉर्ड |
|---|---|
| पायल पटेल | साल 2025 में अंकलेश्वर में हनीट्रैप के एक मामले में पकड़ा गया था। |
| तेजल टिंडानी | राजकोट में वसूली और आपराधिक साजिश के मामले दर्ज हैं। |
इस गिरोह में शामिल एक अन्य महिला आरोपी, अंजली सोलंकी, अभी भी फरार है और पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए गहन जांच कर रही है। यह ताज़ा रिपोर्ट दर्शाती है कि समाज में ऐसे आपराधिक गिरोह सक्रिय हैं जिनसे सतर्क रहने की आवश्यकता है।