ताजा खबर: महाराष्ट्र में शत्रु संपत्ति खरीदना हुआ सस्ता, स्टैंप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन चार्ज माफ

ताजा खबर: महाराष्ट्र में शत्रु संपत्ति खरीदना हुआ सस्ता, स्टैंप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन चार्ज माफ
महाराष्ट्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए राज्य में शत्रु संपत्तियों (Enemy Properties) की खरीद-बिक्री को अब और भी आसान ...

महाराष्ट्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए राज्य में शत्रु संपत्तियों (Enemy Properties) की खरीद-बिक्री को अब और भी आसान तथा किफायती बना दिया है। मंगलवार को हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में एक प्रस्ताव को मंजूरी दी गई, जिसके तहत इन संपत्तियों पर लगने वाले स्टैंप ड्यूटी और पंजीकरण शुल्क को पूरी तरह से माफ कर दिया गया है। यह फैसला रियल एस्टेट सेक्टर और संभावित खरीदारों के लिए एक बड़ी राहत है।

क्यों लिया गया यह बड़ा फैसला?

राज्य सरकार का यह नवीनतम फैसला कई उद्देश्यों को ध्यान में रखकर लिया गया है। राजस्व विभाग के अधिकारियों की रिपोर्ट के अनुसार, अभी तक शत्रु संपत्तियों की नीलामी में लोगों की भागीदारी काफी कम देखने को मिल रही थी। स्टैंप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन चार्ज का बोझ संपत्ति की कुल लागत को काफी बढ़ा देता था, जिससे खरीदार इन्हें खरीदने से हिचकते थे।

  • भागीदारी बढ़ाना: इस छूट का मुख्य लक्ष्य नीलामी प्रक्रिया में अधिक से अधिक लोगों को आकर्षित करना है।
  • प्रक्रिया में तेजी: सरकार लंबे समय से अटकी हुई इन संपत्तियों के निपटान की प्रक्रिया को तेज करना चाहती है।
  • आर्थिक लाभ: स्टैंप ड्यूटी माफ होने से संपत्ति की अंतिम कीमत घटेगी, जिससे अधिक खरीदार आकर्षित होंगे और सरकार को इन संपत्तियों के निपटान से राजस्व प्राप्त करने में मदद मिलेगी।

शत्रु संपत्तियां क्या होती हैं?

शत्रु संपत्तियां वे अचल संपत्तियां (जैसे जमीन, मकान, या शेयर) हैं, जो उन व्यक्तियों की थीं जिन्होंने भारत-चीन युद्ध (1962) और भारत-पाकिस्तान युद्धों (1965 और 1971) के बाद भारत छोड़कर चीन या पाकिस्तान की नागरिकता ले ली थी। भारत सरकार इन देशों को शत्रु देश मानती है, और इसलिए इन संपत्तियों को 'शत्रु संपत्ति' का दर्जा दिया गया है।

कानूनी बदलाव और सीईपीआई की भूमिका

केंद्र सरकार ने 2017 में शत्रु संपत्ति कानून में संशोधन किया था, जिसके बाद शत्रु संपत्ति संरक्षक भारत (CEPI) को इन संपत्तियों को केंद्र सरकार की अनुमति से बेचने या निपटाने का अधिकार मिल गया। आमतौर पर, इन संपत्तियों की बिक्री ई-नीलामी के माध्यम से की जाती है। सीईपीआई ने महाराष्ट्र सरकार से अनुरोध किया था कि नीलामी प्रक्रिया को और सरल तथा किफायती बनाया जाए, जिसके परिणामस्वरूप यह शुल्क माफी का निर्णय लिया गया। राज्य सरकार का मानना है कि इस छूट के बाद अब लंबे समय से खाली पड़ी या विवादित रही इन संपत्तियों का निपटारा जल्दी हो सकेगा।

महाराष्ट्र में शत्रु संपत्तियों का भौगोलिक वितरण

महाराष्ट्र में शत्रु संपत्तियों की एक बड़ी संख्या मौजूद है। राज्य में कुल 428 ऐसी संपत्तियां दर्ज हैं। इनमें से सर्वाधिक 239 संपत्तियां अकेले मुंबई में स्थित हैं। इनका विस्तृत विवरण नीचे दी गई तालिका में देखा जा सकता है:

जिला/शहर संपत्तियों की संख्या विशिष्ट विवरण (यदि उपलब्ध हो)
मुंबई 239 62 आइलैंड सिटी में, 177 उपनगरों में
ठाणे 86
पालघर 77
रत्नागिरी 11
नागपुर 6
पुणे 4
छत्रपति संभाजीनगर 2
जालना 2
सिंधुदुर्ग 1
कुल 428

यह फैसला महाराष्ट्र के रियल एस्टेट बाजार में नई जान फूंक सकता है और सरकार के लिए एक अतिरिक्त राजस्व स्रोत भी खोल सकता है। यह देखना दिलचस्प होगा कि इस छूट के बाद नीलामी में खरीदारों की प्रतिक्रिया कैसी रहती है।