बॉलीवुड में काम के घंटे विवाद: दीपिका की 8 घंटे शिफ्ट, ईशा कोप्पिकर की आपबीती!

बॉलीवुड में काम के घंटे विवाद: दीपिका की 8 घंटे शिफ्ट, ईशा कोप्पिकर की आपबीती!
बॉलीवुड में काम के घंटों को लेकर चल रही बहस आजकल सुर्खियों में है। अभिनेत्री दीपिका पादुकोण की 8 घंटे की शिफ्ट की मा...

बॉलीवुड में काम के घंटों को लेकर चल रही बहस आजकल सुर्खियों में है। अभिनेत्री दीपिका पादुकोण की 8 घंटे की शिफ्ट की मांग ने इस चर्चा को और तेज कर दिया है। खबरों के अनुसार, इसी मांग के चलते दीपिका को 'स्पिरिट' और 'कल्कि 2898 एडी' के सीक्वल जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स से बाहर होना पड़ा था। पिछले एक साल में कई सेलेब्रिटीज ने इस संवेदनशील मुद्दे पर अपनी राय रखी है, जिसमें कुछ इस मांग का समर्थन कर रहे हैं, तो कुछ असमंजस में हैं। इस लेटेस्ट बॉलीवुड अपडेट में, हम इस विवाद के विभिन्न पहलुओं और अभिनेत्रियों के अनुभवों पर गौर करेंगे।

ईशा कोप्पिकर ने भारती सिंह के शो में किया बड़ा खुलासा

हाल ही में, जानी-मानी अभिनेत्री ईशा कोप्पिकर कॉमेडियन भारती सिंह के यूट्यूब चैनल पर पहुंचीं। वहां भारती के पति हर्ष लिम्बाचिया ने ईशा से फिल्म और टेलीविजन इंडस्ट्री में काम की परिस्थितियों पर खुलकर बात की।

बातचीत की शुरुआत तब हुई जब भारती सिंह ने राजनीति में आने की अपनी इच्छा व्यक्त की, लेकिन कहा कि अपने दो बच्चों के कारण वह पर्याप्त समय नहीं दे पाएंगी। इस पर मुस्कुराते हुए ईशा ने टिप्पणी की, "लेकिन आजकल तो सिर्फ 8 घंटे ही देने होते हैं। जिनके बच्चे हैं, उन्हें सिर्फ 8 घंटे मिलते हैं।" यह टिप्पणी दीपिका पादुकोण द्वारा मां बनने के बाद 8 घंटे की शिफ्ट की मांग पर एक सीधा कटाक्ष माना गया। हर्ष ने मज़ाकिया अंदाज़ में पूछा, "किसने कहा ये?" जिस पर ईशा हंसते हुए बोलीं, "पता नहीं।" ईशा की यह बात सुनकर भारती साफ तौर पर हैरान दिखीं।

नॉन-स्टॉप काम ने पहुंचाया अस्पताल: ईशा की दर्दनाक आपबीती

जब ईशा से उनके एक दिन के काम के घंटों के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने चौंकाने वाला जवाब दिया, "वे आपसे तब तक काम करवाते हैं जब तक आप खड़े नहीं रह पाते।" यानी, थकान से चूर होने तक लगातार काम करना पड़ता है। हर्ष ने इसमें मज़ाक में जोड़ा, "बेहोश होने से 15 मिनट पहले तक।" उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया, "हम सुबह 6:30 बजे उठते थे और रात 3 बजे घर आते थे।" हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ऐसा हफ्ते में सिर्फ एक दिन होता था। भारती ने इस पर टिप्पणी की, "यह हर दिन नहीं किया जा सकता।" ईशा ने जोर दिया, "शरीर जवाब दे देगा।" हर्ष ने कहा, "यह असंभव है। यहां तक कि फिक्शन में काम करने वाले भी आमतौर पर सुबह 7 बजे से शाम 7 बजे की शिफ्ट करते हैं।"

ईशा ने अपने करियर की एक और भयानक घटना याद की जब वह लगातार दो फिल्मों, 'एक विवाह ऐसा भी' और 'राइट या रॉन्ग' की शूटिंग कर रही थीं। उन्होंने बताया कि लगातार पांच दिनों तक चौबीसों घंटे काम करने से उनकी तबीयत इतनी बिगड़ गई कि उन्हें अस्पताल में भर्ती होना पड़ा। अभिनेत्री ने खुलासा किया, "उस समय मैं इतनी व्यस्त थी कि मुझे फिल्म सिटी से घर जाने का भी समय नहीं मिलता था। मैंने प्रोड्यूसर से वहीं रहने की व्यवस्था करने को कहा। मैं सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक शूट करती थी, फिर शाम 7 बजे से अगले दिन सुबह 7 बजे तक। यह सिलसिला पांच दिनों तक चला, और छठे दिन मैं अस्पताल पहुंच गई।" यह बॉलीवुड में नॉन-स्टॉप काम के गंभीर परिणामों को उजागर करता है।

दीपिका पादुकोण की 8 घंटे की शिफ्ट की मांग पर क्या था तर्क?

इससे पहले, दीपिका पादुकोण ने अपनी 8 घंटे की शिफ्ट की मांग के बारे में ब्रुट इंडिया से बात करते हुए कहा था, "मुझे नहीं लगता कि जो मैं मांग रही हूं, वह बिल्कुल अनुचित है। मुझे लगता है कि इस सिस्टम में लंबे समय से काम कर रहा व्यक्ति ही इसे समझ सकता है। और मैं यह एक टॉप स्टार के तौर पर कह रही हूं, तो आप कल्पना कर सकते हैं कि बाकी लोगों, जैसे क्रू मेंबर्स की काम की स्थितियां कैसी होंगी।"

जब उनसे पूछा गया कि क्या इस तरह की मांग करने के कारण उन्हें 'बहुत मुश्किल' (difficult) का लेबल दिया गया है, जो ज्यादातर इंडस्ट्रीज में एक मानक है, तो दीपिका ने तुरंत जवाब दिया कि पुरुष अभिनेता सालों से ऐसा कर रहे हैं। उन्होंने कहा था, "मैं इस तरह की चीज़ मांगने वाली पहली नहीं हूं। असल में, कई पुरुष अभिनेता सालों से 8 घंटे की शिफ्ट पर काम कर रहे हैं, और यह कभी सुर्खियां नहीं बनीं।" यह कार्य-जीवन संतुलन की आवश्यकता पर जोर देता है और फिल्म इंडस्ट्री में काम के माहौल को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हो सकता है।