महाराष्ट्र के बीड जिले के म्हाळसापुर गांव से एक अत्यंत दुखद और परेशान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक 24 वर्षीय विवाहिता ने अपने ससुराल वालों द्वारा लगातार किए जा रहे उत्पीड़न से तंग आकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। जानकारी के अनुसार, महिला ने जहरीले पदार्थ का सेवन कर आत्महत्या जैसा दर्दनाक कदम उठाया। मृतक महिला की पहचान भक्ति अमोल कोरडे के रूप में हुई है। इस गंभीर मामले में, पिंपळनेर पुलिस स्टेशन में महिला के पति, सास और ससुर के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की गई है।
बीड में दिल दहलाने वाली घटना: घरेलू हिंसा का शिकार विवाहिता ने की आत्महत्या
बेटियों के जन्म से शुरू हुई प्रताड़ना, दूसरी शादी का दबाव
पुलिस को मिली शिकायत में बताया गया है कि भक्ति को पिछले करीब ढाई सालों से शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। इस प्रताड़ना का मुख्य कारण यह था कि भक्ति की तीन बेटियां थीं। ससुराल वाले लगातार उस पर यह दबाव बना रहे थे कि वह अपने पति को दूसरी शादी करने की इजाजत दे दे, ताकि उन्हें 'वंश चलाने वाला बेटा' मिल सके। इस अमानवीय मांग को मनवाने के लिए भक्ति को बार-बार पीटा जाता था और उसे एक बॉन्ड पेपर पर जबरन सहमति लिखकर देने के लिए मजबूर किया जा रहा था। यह घटना समाज में व्याप्त रूढ़िवादी सोच और महिला उत्पीड़न की भयावह तस्वीर पेश करती है।
दर्दनाक अंत: आर्थिक तंगी के चलते सरकारी अस्पताल में हुई मृत्यु
ससुराल वालों की इस असहनीय प्रताड़ना से टूटकर, भक्ति ने 2 फरवरी, 2026 की सुबह अपने घर पर जहरीला पदार्थ पी लिया। गंभीर हालत में उसे तत्काल बीड के जिला अस्पताल ले जाया गया, जिसके बाद बेहतर इलाज के लिए एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। परंतु, परिवार की खराब आर्थिक स्थिति के कारण, उसे वापस सरकारी अस्पताल में स्थानांतरित करना पड़ा। दुर्भाग्यवश, लंबे समय तक चले उपचार के बावजूद, भक्ति ने 6 मार्च, 2026 को दम तोड़ दिया। यह दुखद घटना एक बार फिर समाज में महिलाओं के प्रति होने वाली क्रूरता पर चिंता बढ़ाती है।
पुलिस ने पति सहित तीन ससुराल वालों पर दर्ज किया मामला
मृतक भक्ति की मां, गंगुबाई प्रभु ठोकळ की शिकायत के आधार पर, पिंपळनेर पुलिस ने इस मामले में कठोर कार्रवाई की है। पुलिस ने भक्ति के पति अमोल अर्जुन कोरडे, ससुर अर्जुन साधू कोरडे और सास आशाबाई अर्जुन कोरडे के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं, जैसे कि 108, 115(2), 3(5) और 85 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस उपनिरीक्षक अर्जुन घोलवाल इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रहे हैं और न्याय सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहे हैं। इस नवीनतम अपडेट से उम्मीद है कि पीड़िता को न्याय मिल पाएगा और ऐसे अपराधों पर लगाम लगेगी।