अमेठी तांत्रिक हत्याकांड: 'जिन्न' की धमकी से डरे युवक ने काटा गला, पुलिस का सनसनीखेज खुलासा

अमेठी तांत्रिक हत्याकांड: 'जिन्न' की धमकी से डरे युवक ने काटा गला, पुलिस का सनसनीखेज खुलासा
उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले में हुए तांत्रिक विजय सिंह हत्याकांड की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है, और इस मामले में कई च...
अमेठी तांत्रिक हत्याकांड: 'जिन्न' की धमकी से डरे युवक ने काटा गला, पुलिस का सनसनीखेज खुलासा

अमेठी में तांत्रिक हत्याकांड का पर्दाफाश: 'जिन्न' की धमकी बनी हत्या का कारण

उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले में हुए तांत्रिक विजय सिंह हत्याकांड की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है, और इस मामले में कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। इस जघन्य अपराध में शामिल चार आरोपियों को पुलिस ने धर दबोचा है और उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। अभियुक्तों के कब्जे से चार मोबाइल फोन, मृतक के पहने हुए वस्त्र और हत्या में इस्तेमाल की गई ईंटें सहित कई अन्य महत्वपूर्ण चीजें बरामद की गई हैं।

पुलिस के अनुसार, हत्या करने के बाद, अपराधियों ने मृतक के शव को ईंटों से बांधकर एक कुएं में फेंक दिया था ताकि उसकी पहचान न हो सके। यह अमेठी अपराध प्रकरण जायस थाना क्षेत्र के अंतर्गत मोजमगंज पुल के समीप का है, जहाँ बीते गुरुवार की सुबह प्रतापगढ़ निवासी एक व्यवसायी और तांत्रिक का सिर कटा शव एक नाले के किनारे बरामद हुआ था।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई और गिरफ्तारी

इस दुखद घटना के बाद, पुलिस अधीक्षक के विशेष निर्देश पर एसओजी (स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप), सर्विलांस टीम सहित पुलिस की चार अलग-अलग टीमें हत्यारों की गहन तलाश में जुट गई थीं। हाल ही में, अमेठी पुलिस को गुप्त सूत्रों से मिली जानकारी के आधार पर इस हत्याकांड को अंजाम देने वाले चार मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इनमें राजन सोनकर उर्फ निरहू, सौरभ सोनकर, प्रदीप उर्फ तूफानी सोनकर और अजय सोनकर शामिल हैं। यह सभी आरोपी जायस कस्बे के गोरियाना मोहल्ले के निवासी हैं।

मुख्य आरोपी का सनसनीखेज खुलासा: 'जिन्न' की धमकी से उपजा डर

पुलिस पूछताछ के दौरान, मुख्य आरोपी राजन सोनकर उर्फ निरहू ने पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया। उसने बताया कि वह और उसकी माता तांत्रिक विजय सिंह से झाड़-फूंक करवाते थे। राजन के अनुसार, इस झाड़-फूंक के बावजूद उसकी स्वास्थ्य स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ, बल्कि वह और बिगड़ती चली गई और इस प्रक्रिया में उनका काफी धन भी व्यर्थ हो गया।

इसके बावजूद, तांत्रिक विजय सिंह लगातार राजन से और पैसों की मांग कर रहा था। जब राजन ने और पैसे देने से इनकार कर दिया, तो विजय सिंह ने उसे 'जिन्न' या 'भूत' छोड़ देने की गंभीर धमकी देना शुरू कर दिया। तांत्रिक की इन धमकियों और लगातार पैसे की मांग से तंग आकर राजन ने अपने दोस्तों सौरभ, प्रदीप और अजय के साथ मिलकर विजय सिंह की हत्या की योजना बनाई।

हत्या की पूरी साजिश और अंजाम

इस योजना के तहत, उन्होंने 8 जनवरी की रात को एक वैन किराए पर ली। उसी शाम, राजन की मुलाकात जायस रेलवे स्टेशन रोड पर विजय सिंह से हुई, जहाँ राजन ने उसे अपनी परेशानी बताई। विजय सिंह ने राजन से कहा कि उन्हें देवा शरीफ चलना होगा, जिसके लिए राजन सहमत हो गया। इसके बाद, रात करीब 10 बजे वे सभी ओमनी वैन में सवार होकर घटनास्थल से रवाना हुए।

हालांकि, पूर्व-निर्धारित योजना के अनुसार, मोजमगंज पुल के पास गाड़ी में रखे एक गंडासे (धारदार हथियार) से विजय सिंह पर हमला कर दिया गया। हमले में उसकी गर्दन को धड़ से पूरी तरह अलग कर दिया गया। मृतक की पहचान छिपाने के उद्देश्य से, आरोपियों ने उसके धड़ को एक नाले में फेंक दिया, जबकि सिर को ईंटों के साथ एक बोरी में भरकर अपने घर के समीप स्थित एक पुराने कुएं में डाल दिया था।

पुलिस अधीक्षक का बयान

पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक ने इस मामले पर जानकारी देते हुए बताया कि इस हत्याकांड का पर्दाफाश करने के लिए पुलिस की चार विशेष टीमों को नियुक्त किया गया था। उन्होंने पुष्टि की कि चार अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया गया है, और सभी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। वर्तमान में, सभी चारों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। पुलिस ने शव के साथ-साथ हत्या में इस्तेमाल किए गए सभी महत्वपूर्ण उपकरण भी बरामद कर लिए हैं। यह ताजा अपडेट अमेठी में हुए इस सनसनीखेज हत्याकांड से जुड़ी सभी अटकलों पर विराम लगाता है।